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यूपी : प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने वाले उद्योगों को मिलेगा अनुदान, एमएसएमई विभाग ने भेजा प्रस्ताव
Fri, 02 Apr 2021 11:44 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 02 Apr 2021 11:44 AM IST
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कोरोना महामारी में प्रदेश में लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने वाले उद्योगों को योगी सरकार आर्थिक सहायता देगी। ऐसे उद्योगों को प्रति मजदूर एक से दो हजार रुपये आर्थिक सहायता दिया जा सकता है। इससे उद्योगों पर भार भी नहीं पड़ेगा और प्रवासी मजदूरों को नौकरी भी मिल जाएगी। इसके लिए सूक्ष्म, लघु एव मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग ने 629 करोड़ रुपये की योजना का प्रस्ताव तैयार करके वित्त विभाग को मंजूरी के लिए भेजा गया है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दौरान विभिन्न राज्यों से लगभग 34 लाख प्रवासी मजदूर यूपी लौटे थे। उस वक्त सरकार ने उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था के साथ रोजगार मुहैया कराने का बीड़ा उठाया था। इन मजदूरों की स्किल मैपिंग कराई गई। जिससे उन्हें हुनर के हिसाब से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। सूत्रों के मुताबिक अब तक 25 लाख से अधिक मजदूरों की स्किल मैपिंग कराई जा चुकी है। सरकार ने प्रवासी श्रमिक राहत पोर्टल बनाया है। इस पर मजदूरों की दक्षता को 52 श्रेणियों में बांटते हुए उनका डाटा अपलोड किया गया है।
हथकरघा उद्योग की तर्ज पर तैयार हो रही योजना
हथकरघा उद्योग में मजदूरों को रोजगार देने पर सरकार प्रति मजदूर अनुदान देती है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उसी तरह का प्रस्ताव एमएसएमई विभाग की ओर से तैयार कराया गया है। सरकार का मानना है कि इससे मजदूरों को स्थानीय उद्योगों में रोजगार दिलाने में मदद मिलेगी। इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, मुख्यमंत्री प्रवासी रोजगार योजना से जोड़ कर उन्हीं प्रवासी मजदूरों को लाभान्वित किया जाएगा, जिनका पंजीकरण पहले से राज्य सरकार के पोर्टल पर है।
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गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दौरान विभिन्न राज्यों से लगभग 34 लाख प्रवासी मजदूर यूपी लौटे थे। उस वक्त सरकार ने उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था के साथ रोजगार मुहैया कराने का बीड़ा उठाया था। इन मजदूरों की स्किल मैपिंग कराई गई। जिससे उन्हें हुनर के हिसाब से रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। सूत्रों के मुताबिक अब तक 25 लाख से अधिक मजदूरों की स्किल मैपिंग कराई जा चुकी है। सरकार ने प्रवासी श्रमिक राहत पोर्टल बनाया है। इस पर मजदूरों की दक्षता को 52 श्रेणियों में बांटते हुए उनका डाटा अपलोड किया गया है।
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हथकरघा उद्योग की तर्ज पर तैयार हो रही योजना
हथकरघा उद्योग में मजदूरों को रोजगार देने पर सरकार प्रति मजदूर अनुदान देती है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उसी तरह का प्रस्ताव एमएसएमई विभाग की ओर से तैयार कराया गया है। सरकार का मानना है कि इससे मजदूरों को स्थानीय उद्योगों में रोजगार दिलाने में मदद मिलेगी। इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, मुख्यमंत्री प्रवासी रोजगार योजना से जोड़ कर उन्हीं प्रवासी मजदूरों को लाभान्वित किया जाएगा, जिनका पंजीकरण पहले से राज्य सरकार के पोर्टल पर है।
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