यूपी: चुनाव प्रचार की तरह वोटिंग के दिन भी बसपा ने ओढ़ी रहस्यमयी चुप्पी, अब निगाहें चुनाव परिणाम पर
BSP in UP by-elections: यूपी की नौ सीटों पर हुए उपचुनावों में बसपा ने एक रहस्यमयी चुप्पी ओढ़ रखी है। चुनाव प्रचार की तरह ही चुनाव के दिन भी बसपा के प्रमुख नेता शांत ही रहे।
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उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों ने अकेले दम पर अन्य दलों के प्रत्याशियों को चुनौती दी। पार्टी के बड़े नेता प्रचार अभियान से दूर रहे, जिससे समर्थक निराश तो हुए लेकिन पार्टी को मजबूत करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। खास बात यह है कि सपा के मतदान में गड़बड़ी के आरोपों के विपरीत बसपा ने कोई शिकायत नहीं की है। अब सबकी नजरें पार्टी के प्रदर्शन पर टिकी हैं।
बता दें कि बसपा ने इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की 5 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भी हिस्सा लिया था, हालांकि उसका कोई भी प्रत्याशी जीत नहीं सका था। इस बार भी बसपा ने सभी नौ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा ने चुनाव प्रचार के लिए 40 स्टार प्रचारक भी बनाए थे, लेकिन अधिकतर बड़े चेहरे नजर नहीं आए। बसपा सुप्रीमो मायावती और नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद ने भी किसी भी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित नहीं किया और महाराष्ट्र के प्रचार में व्यस्त रहे। जानकारों की मानें तो कटेहरी और मीरापुर सीट पर बसपा द्वारा अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई जा रही है।
अखिलेश बोले- सपा के पक्ष में जमकर मतदान
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाताओं ने विधानसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (इंडिया गठबंधन) के पक्ष में जमकर मतदान किया। मतदान के दिन भाजपा ने जिस तरह से शासन-प्रशासन का दुरुपयोग किया है, वो लोकतंत्र का उपहास है।
अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों से क्षुब्ध मतदाता, मतदान करने में उदासीन दिखे, जबकि सपा समर्थक मतदाताओं में जोश दिखाई पड़ा। भाजपा सरकार में महंगाई, भ्रष्टाचार और अन्याय चरम पर है। उन्होंने कहा कि कई जगह समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ अभद्रता की गई है। उन्होंने कहा कि मतदान स्थलों पर भाजपा के लोग उपद्रव करते रहे। कई जगह धीमी गति से मतदान कराया गया। ईवीएम में खराबी की शिकायतें भी रहीं।
करहल में कई जगह फर्जी मतदान की खबरें मिलीं। मुस्लिम मतदाताओं को रोकने की तमाम शिकायतें आई। कई बूथ एजेंटों को पुलिस उठा ले गई। उनके बस्ते उजाड़ दिए। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान को कुचलकर सरकार में बना रहना चाहती है, जबकि सरकार लोकतंत्र में लोकलाज से चलती है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव को तार-तार करने में भाजपा माहिर है।
उपचुनाव में दिखा लोकतंत्र का भयावह चेहरा : संजय सिंह
आम आदमी पार्टी (आप) सांसद व प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने उपचुनाव में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उपचुनाव में लोकतंत्र का भयावह चेहरा दिखा है और चुनाव आयोग कोमा में है। उन्होंने बुधवार को जारी बयान में कहा कि मीरापुर में ककरौली थाने के एसएचओ द्वारा वोटरों को रिवॉल्वर दिखाकर धमकी देने की घटना व अन्य सीटों पर जिस तरह की घटना सामने आई है, वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। भाजपा पिस्टल के दम पर, लोकतंत्र का गला घोंटकर चुनाव जीतना चाह रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन का एक हिस्सा एक विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहा है। चुनाव आयोग की नकारात्मक भूमिका से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस प्रकार के कृत्य न सिर्फ लोकतंत्र की हत्या करते हैं, बल्कि जनता के विश्वास को भी तोड़ते हैं। चुनाव आयोग को दोषी पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
उपचुनाव जीतेगी भाजपा : अपर्णा यादव
एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपर्णा यादव जनपद पहुंची थीं। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्रहित के साथ है, वो बीजेपी के साथ है। जो राष्ट्रीय अखंडता, एकता के साथ हैं, वो भाजपा को वोट करें। जहां चुनाव हो रहे हैं, वहां लोग ज्यादा से ज्यादा मतदान करें। पर्दानशीं महिलाओं का बुर्का न हटाए जाने की सपा की मांग को लेकर भी अपर्णा यादव ने कहा कि महिला पुलिस कर्मी, महिला अफसर की चेकिंग से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अपर्णा यादव ने कहा कि अपनी पहचान बताने, प्रमाणपत्र दिखाना कोई गलत बात नहीं है। कार्यक्रम में रवाना होने से पूर्व उन्होंने जिला कारागार के महिला बैरक का निरीक्षण किया।