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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Jyeshtha month begins tomorrow, with eight major Tuesdays due to the extra month; the month will continue

यूपी: आज से ज्येष्ठ माह की शुरुआत, अधिक मास के चलते इस बार होंगे आठ बड़े मंगल; 29 जून तक चलेगा यह मास

Sat, 02 May 2026 06:31 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 02 May 2026 06:31 AM IST
सार

Jyeshtha month: गर्मियों में सबसे गर्म महीना माना गया ज्येष्ठ दो मई से शुरू हो जाएगा। इस बार अधिक मास होने की वजह से यह महीना 2 मई से 29 जून तक चलेगा। 

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UP: Jyeshtha month begins tomorrow, with eight major Tuesdays due to the extra month; the month will continue
बड़ा मंगल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्येष्ठ माह की शुरुआत दो मई से हो रही है। अधिक मास या पुरुषोतम मास के चलते ज्येष्ठ माह की अवधि 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगी। इसी के चलते इस बार आठ बड़े मंगल की सौगात मिलेगी। बड़े मंगल पर राजधानी में वृहद स्तर पर लगने वाले भंडारों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। जिला पूर्ति अधिकारी के यहां भंडारों के लिए गैस सिलिंडर की मांग को लेकर आवेदनों में भी तेजी आई है।

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बड़े मंगल पर हनुमान जी की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। बड़ा मंगल को कई स्थानों पर बुढ़वा मंगल के नाम से भी जाना जाता है। राजधानी में बड़ा मंगल का विशेष महत्व है। यहां शहर के हनुमान मंदिरों में श्रृंगार, पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही बड़ी संख्या में भंडारों के आयोजन भी होते हैं। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि काशी पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा।
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इस दौरान कुल बड़े मंगल आठ होंगे जो क्रमश: 5, 12, 19 व 26 मई और 2, 9, 16 व 23 जून को पड़ेंगे। इनमें से चार शुद्ध ज्येष्ठ मंगल क्रमश: 5 व 12 मई को और 16 व 23 जून को होंगे। अधिक ज्येष्ठ मास 17 मई से 15 जून तक रहेगा जिसमे अधिक ज्येष्ठ मंगल 19 व 26 मई और 2 व 9 जून को पड़ेंगे। ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की श्रद्धा भाव से पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान भक्तों को दान या जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। बड़े मंगल के दिन व्रत रखने और हनुमान जी की आराधना करने से जीवन के समस्त संकट दूर होते हैं और बजरंगबली की कृपा बनी रहती है।
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इसलिए पड़ता है अधिकमास या पुरुषोत्तम मास
ज्योतिषाचार्य पुनीत वार्ष्णेय ने बताया कि प्रत्येक वर्ष चंद्र कैलेंडर 354 दिनों का होता है, जबकि सूर्य कैलेंडर 365 दिनों का होता है। अधिक मास 32 महीने और 16 दिन बाद आता है। इन दोनों के अंतर को संतुलित करने के लिए पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है। इसे ही अधिक मास या पुरुषोत्तम मास या मलमास कहते हैं।

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