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प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने में यूपी देश में नंबर वन, भारत सरकार से मिला प्रथम पुरस्कार
Mon, 28 Sep 2020 04:17 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 28 Sep 2020 04:17 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : ANI
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प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए प्रारंभ किए गए गरीब कल्याण रोजगार अभियान में स्वच्छ सामुदायिक शौचालय की श्रेणी में प्रदेश को देश में पहला स्थान मिला है। प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए यह योजना 6 राज्यों के 116 जिलों में चल रही थी। इनमें प्रदेश के 31 जिले शामिल थे। यूपी को प्रथम पुरस्कार के साथ ही प्रयागराज जिले को भी देश में शौचालय बनाकर रोजगार देने में अव्वल रहने पर प्रथम पुरस्कार मिला है। इसी के साथ पंचायती राज विभाग को कुल 8 पुरस्कारों के लिए चुना गया है। ये पुरस्कार 2 अक्टूबर को आयोजित वर्चुअल समारोह में प्रदान किए जाएंगे।
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पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि गरीब कल्याण रोजगार का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून को किया था। इसे उत्तर प्रदेश समेत 6 राज्यों के 116 जिलों में प्रवासी श्रमिकों को मिशन मोड में सहायता देने के लिए प्रारंभ किया था।125 दिन के इस अभियान में प्रवासी श्रमिकों को सामुदायिक शौचालय निर्माण समेत 25 कामों के जरिये रोजगार देना था।
श्रमिकों को मनरेगा मजदूरी (202 रुपये प्रतिदिन) के हिसाब से भुगतान किया गया है। ग्रामीण कल्याण रोजगार अभियान में पंचायती राज विभाग ने सर्वाधिक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है। देश के 6 राज्यों में सामुदायिक शौचालय श्रेणी में यूपी पहले और 116 जिलों में प्रयागराज पहले स्थान पर रहा है। हरदोई ने दूसरा और फतेहपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
ग्रामीण कल्याण रोजगार अभियान 31 जिलों में चल रहा था। शेष 44 जिलों में भी निर्मित कराए जा रहे स्वच्छ सामुदायिक शौचालय में बरेली और अलीगढ़ ने क्रमश: पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अलीगढ़ जिले को सामुदायिक शौचालय अभियान में विशेष पुरस्कार भी मिला है। उत्तर प्रदेश के खाते में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि उसे गंदगी मुक्त भारत अभियान में देश में श्रमदान करने की दृष्टि से द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज, निदेशक पंचायतीराज और जिलों के अधिकारी गांधी जयंती पर पुरस्कार ग्रहण करेंगे।
श्रमिकों को मनरेगा मजदूरी (202 रुपये प्रतिदिन) के हिसाब से भुगतान किया गया है। ग्रामीण कल्याण रोजगार अभियान में पंचायती राज विभाग ने सर्वाधिक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है। देश के 6 राज्यों में सामुदायिक शौचालय श्रेणी में यूपी पहले और 116 जिलों में प्रयागराज पहले स्थान पर रहा है। हरदोई ने दूसरा और फतेहपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
ग्रामीण कल्याण रोजगार अभियान 31 जिलों में चल रहा था। शेष 44 जिलों में भी निर्मित कराए जा रहे स्वच्छ सामुदायिक शौचालय में बरेली और अलीगढ़ ने क्रमश: पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अलीगढ़ जिले को सामुदायिक शौचालय अभियान में विशेष पुरस्कार भी मिला है। उत्तर प्रदेश के खाते में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि उसे गंदगी मुक्त भारत अभियान में देश में श्रमदान करने की दृष्टि से द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज, निदेशक पंचायतीराज और जिलों के अधिकारी गांधी जयंती पर पुरस्कार ग्रहण करेंगे।