फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: If the vehicle was not found, the marquee arrived with the body from the bike, the dead body was given after a long wait

यूपी: सीतापुर से सामने आई शर्मसार करने वाली तस्वीर, वाहन नहीं मिला तो बाइक से शव लेकर पहुंचे मर्च्युरी

Thu, 27 May 2021 03:37 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 27 May 2021 03:37 PM IST
सार

सीतापुर में एक मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। सड़क दुर्घटना में बालक के परिजनों को जब शवगृह तक ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला तो वह मोटरसाइकिल से ही शव लेकर रवाना हो गए।

विज्ञापन
UP: If the vehicle was not found, the marquee arrived with the body from the bike, the dead body was given after a long wait
बाइक पर ले जाते शव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीतापुर के जिला अस्पताल में बुधवार को एक मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। मार्ग दुर्घटना में मौत का शिकार बालक के परिजनों को जब शवगृह तक ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला तो वह मोटरसाइकिल से ही शव लेकर रवाना हो गए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर शव वाहन न देने व ड्राइवर पर शराब पीने का आरोप लगाया।
विज्ञापन

 

अस्पताल प्रशासन ने इसे दरकिनार करते हुए सारी जिम्मेदारी पुलिस पर डाल दी। इस दृश्य को देखकर हर कोई दंग रह गया। तालगांव थानाक्षेत्र के देवरिया निवासी अंकुर (10) को मंगलवार को कसरैला के निकट अज्ञात वाहन से जोरदार टक्कर मार दी। इस पर अंकुर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ देर तक इलाज के बाद अंकुर ने दम तोड़ दिया। इस पर अस्पताल प्रशासन ने रात होने के चलते शव को अस्पताल की मर्च्युरी में रखवा दिया था।

विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

 

बुधवार को परिजन शव को लेकर शवगृह जाना चाहते थे। पहले अस्पताल से शव वाहन लेने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मिला। परिजनों का आरोप है वाहन चलाने वाला ड्राइवर शराब के नशे में धुत था। इसी वजह से हम अपनी मोटरसाइकिल से शव लेकर शवगृह तक पहुंचे। इसको देखकर हर कोई दंग रह गया।

पुलिस की है जिम्मेदारी : सीएमएस

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा कि जिला अस्पताल में मौत के बाद पुलिस को जानकारी दे दी जाती है। पुलिस पंचनामा करके ही शव गृह तक पहुंचाती है। वहां तक पहुंचाने का जिम्मा पुलिस का होता है। रही बात शव वाहन की तो अस्पताल में मौजूद रहता है। हो सकता है वाहन कहीं शव लेकर गया हो। ड्राइवर के शराब पीने का आरोप निराधार है। वह दिन में दो जगहों पर शव लेकर जा चुका है। कही से भी ऐसी शिकायत नहीं मिली है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed