फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: If a new law is made, the price will increase every month like petrol - the price of electricity will decr

यूपी: नया कानून बना तो पेट्रोल की तरह हर माह बढ़ेंगी - घटेगी बिजली की कीमत, 19 सितंबर से होगी सुनवाई

Tue, 10 Sep 2024 12:11 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 10 Sep 2024 12:11 AM IST
सार

Electricity price in UP: यूपी में बिजली की कीमत हर महीने पेट्रोल की तरफ ऊपर-नीचे हो सकती है। ईंधन अधिभार शुल्क हर माह विद्युत वितरण निगमों को तय करने के लिए नया कानून बनाया गया है।
 

विज्ञापन
UP: If a new law is made, the price will increase every month like petrol - the price of electricity will decr
यूपी में बिजली। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 केंद्र सरकार की ओर से ईंधन अधिभार शुल्क हर माह विद्युत वितरण निगमों को तय करने के लिए नया कानून बनाया गया है। इसे उत्तर प्रदेश में लागू करने को लेकर 19 सितंबर को नियामक आयोग में जन सुनवाई होगी। यह कानून बना तो वितरण निगम हर माह अपने स्तर पर ईंधन अधिभार शुल्क बढ़ा और घटा सकेंगे। 

विज्ञापन


ऐसे में पेट्रोल की कीमतों की तरह ही अलग- अलग निगमों और राज्यों में बिजली का दाम तय होगा। अभी नियामक आयोग की अनुमति से हर तीन माह में ईंधन अधिभार तय होता है। उत्तर प्रदेश इकलौता राज्य है, जहां करीब एक दशक से ईंधर अधिभार बीच सत्र में नहीं बढाया गया है।
विज्ञापन


नियामक आयोग को यह अधिकार है कि वह केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित नए कानून संशोधन को खारिज कर सकता है। यही वजह है कि कानून को लेकर उत्तर प्रदेश में 19 सितंबर को जन सुनवाई होगी। उपभोक्ता परिषद नए कानून का विरोध किया है। परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि यह कानून लागू होते ही ईंधन अधिभार शुल्क को स्वतः विद्युत निगमों को लागू करने का अधिकार मिल जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वह भी हर माह इसे बढ़ा और घटा सकेंगी। जबकि अभी तक हर तीसरे माह विद्युत निगम ईंधन अधिभार शुल्क (फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट) विद्युत नियामक आयोग में दाखिल करते हैं। आयोग तय करता है कि शुल्क बढ़ाना है या नहीं। उन्होंने कहा कि तीन साल का इतिहास देखें तो विद्युत वितरण निगम हमेशा ईंधन अधिभार शुल्क बढ़ाने का ही प्रस्ताव देते रहे हैं। जबकि निगमों पर उपभोक्ताओं का निकल रहे 33122 करोड़ की भरपाई नहीं कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed