{"_id":"6814de2f004547e00d01edd6","slug":"up-high-court-disposed-of-the-petition-filed-on-robert-vadra-s-comments-on-pahalgam-issue-asked-to-go-to-the-2025-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: पहलगाम मुद्दे पर राबर्ट वाड्रा की टिप्पणियों पर दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने की निस्तारित, दिया ये निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: पहलगाम मुद्दे पर राबर्ट वाड्रा की टिप्पणियों पर दाखिल याचिका हाईकोर्ट ने की निस्तारित, दिया ये निर्देश
Fri, 02 May 2025 10:30 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 02 May 2025 10:30 PM IST
सार
Pahalgam terror attack: राबर्ट वाड्रा के खिलाफ पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में दिए गए कथित विवादित बयान को लेकर दाखिल याचिका को निस्तारित कर दिया है।
विज्ञापन
राबर्ट वाड्रा
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति राबर्ट वाड्रा के खिलाफ पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में दिए गए कथित विवादित बयान को लेकर दाखिल याचिका को निस्तारित कर याचियों को समुचित फोरम को अप्रोच करने की छूट दी है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और अन्य द्वारा दाखिल याचिका केंद्र सरकार को मामले में विशेष जांच दल(एसआईटी) गठित करने के निर्देश देने का आग्रह किया गया था। याचियों ने भारतीय न्याय संहिता के तहत भी वाड्रा पर करवाई किए जाने का भी आग्रह किया था।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई कर यह आदेश दिया। याचियों की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर मामले में याचियों को अपनी मांगों को लेकर दीवानी या आपराधिक कार्यवाही समुचित फोरम के समक्ष चलाने की छूट प्रदान की है ।
विज्ञापन
अधिवक्ता अग्निहोत्री ने आरोप लगाया था कि वाड्रा ने मीडिया में पहलगाम जैसे मामले में कथित रूप से हिंदू विरोधी बयान दिया था। जिसको लेकर केंद्र व राज्य सरकार को उनके खिलाफ कारवाई किए जाने के निर्देश देने का आग्रह किया था। उधर, सुनवाई के समय राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह और केंद्र के अधिवक्ता पेश हुए। कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचियों को छूट देकर याचिका निस्तारित कर दी। अधिवक्ता अग्निहोत्री ने कहा कि वह इस आदेश की प्रमाणित कॉपी लेने के बाद मामले में आपराधिक शिकायत दर्ज कराएंगी।
विज्ञापन