फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Govt to upload the list of migrated workers and their skills on website soon

यूपी: जल्द पूरी होगी घर लौटे श्रमिकों के रोजगार की तैयारी, दक्षता के हिसाब से सूची बनाकर वेबसाइट पर अपलोड करेगी सरकार

Sat, 23 May 2020 09:32 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: प्राची प्रियम Updated Sat, 23 May 2020 09:32 PM IST
विज्ञापन
UP Govt to upload the list of migrated workers and their skills on website soon
प्रवासी मजदूर (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

उत्तर प्रदेश के तमाम उद्योग श्रमिकों के पलायन के संकट से जूझ रहे हैं। सरकार घर लौटे प्रवासी श्रमिकों को इंडस्ट्री में समायोजित कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी। शासन का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग जल्द ही कुशल व अकुशल श्रमिकों की सूची उनकी दक्षता के साथ सरकारी वेबसाइट पर डालने की तैयारी कर रहा है। 

विज्ञापन


इससे इंडस्ट्री सीधे श्रमिकों से बात कर उन्हें काम के लिए बुला सकेंगी। प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने बताया कि उपायुक्त जिला उद्योग केंद्रों के पास उद्योगों से श्रमिकों की मांग हो रही है। सरकार ने घर लौटे श्रमिकों में कुशल-अकुशल की पहचान की है और उनकी दक्षता के साथ उनसे संबंधित पूरी जानकारी जुटाई है। 
विज्ञापन


जिलेवार श्रमिकों की सूची उनकी दक्षता के साथ एमएसएमई विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। जिलावार 4.40 लाख से अधिक श्रमिकों की सूची तैयार की गई है। इनमें से 2.62 लाख से अधिक ने रोजगार की इच्छा जताई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जिन उद्योगों को श्रमिकों की आवश्यकता होगी, सरकार वहां इन्हें नियोजित कराने का प्रयास करेगी। सहगल ने बताया कि जीएम डीआईसी को इसके लिए उद्योगों से लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पनकी विस्तार प्रोजेक्ट के लिए श्रमिकों की मांग
प्रदेश में पनकी विस्तार परियोजना पर काम चल रहा है। लॉकडाउन के पूर्व इस प्रोजेक्ट पर करीब 1600 श्रमिक काम कर रहे थे। लॉकडाउन लगा तो अधिकतर अपने-अपने गांव चले गए। लॉकडाउन में छूट के बाद काम शुरू हुआ तो विभिन्न श्रेणी के 400 मजदूर ही उपलब्ध हो पाए हैं।

श्रमिकों की कमी से विस्तार कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अब कार्य विस्तार में जुड़े इंजीनियरों ने उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र कानपुर से विभिन्न श्रेणी के 363 श्रमिकों की मांग की है। इसी तरह कई औद्योगिक इकाइयों ने अन्य जिलों में श्रमिकों की मांग की है।

आईआईए ने प्रवासी श्रमिकों को अवसर दिलाने को बढ़ाया हाथ

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ने प्रमुख सचिव एमएसएमई को एक पत्र लिखा है। इसमें प्रवासी श्रमिकों व अन्य बेरोजगार युवकों को एमएसएमई सेक्टर में रोजगार दिलाने में सहयोग की बात कही गई है। आईआईए के अध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा है कि एक वेबसाइट तैयार की जाए, जिसमें प्रवासी व अन्य बेरोजगार की सूची जिले व तहसीलवार उपलब्ध हों। 

इस सूची में कामगारों के नाम, पते, मोबाइल नंबर, उनकी दक्षता के क्षेत्र, कार्य अनुभव की जानकारी हो। इसके अलावा संबंधित व्यक्ति के बारे में यह प्रमाणपत्र भी हो कि वह प्रवासी श्रमिक घर लौटने पर क्वारंटीन रहा है और उसकी कोरोना जांच रिजल्ट निगेटिव आई है। 

उन्होंने कहा है कि जैसे ही ऑनलाइन यह सूचना उपलब्ध हो जाएगी, आईआईए एमएसएमई सेक्टर में प्रवासी श्रमिकों व बेरोजगारों को उनकी दक्षता के हिसाब से नियोजित कराने में मदद करेगा।  

मुंबई की इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट की बड़ी कंपनी यूपी में निवेश को तैयार
यूपी मूल के एक उद्यमी की महाराष्ट्र में प्रतिष्ठित ब्रांड की इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट की यूनिट है। उनका कहना है कि उनके लिफ्ट, केबिन फैन, लिफ्ट ब्लोअर, एक्झास्ट फैन, स्टनर रोटर मोटर व अन्य उत्पादों की घरेलू के साथ अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में भी अच्छी मांग है और केवल चीन व जर्मनी के उत्पाद ही प्रतिस्पर्धा में हैं। 

भदोही निवासी एमएसएमई उद्यमी प्रकाश तिवारी ने प्रमुख सचिव एमएसएमई को लिखे मेल में कहा है कि वह अपनी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को मुंबई से अपने गृह राज्य यूपी में शिफ्ट कर अपने उद्यम व राज्य की प्रगति के लिए रोजगार सृजन को इच्छुक हैं। 

उन्होंने किसी भी औद्योगिक क्षेत्र व प्रदेश के किसी भी जिले में इकाई स्थापना ने लिए जमीन दिलाने और किसी वितीय संस्था से आवश्यक ऋण दिलाने में मदद का आग्रह किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed