पंचायतों के धन पर अब होगी सरकार की नजर
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प्रदेश सरकार ने ग्रामीण स्थानीय निकायों और नगरीय स्थानीय निकायों को अगले पांच साल में मिलने वाले 46025.77 करोड़ रुपये के उपयोग पर नजर रखने के लिए एक उच्च स्तरीय अनुश्रवण समिति गठित करने का फैसला किया है। मुख्य सचिव इसके अध्यक्ष होंगे।
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्र के चौदहवें वित्त आयोग की ओर से ग्रामीण स्थानीय निकायों के बुनियादी अनुदान के लिए 32198.90 करोड़ और निष्पादन अनुदान के लिए 3577.66 करोड़ रुपये की संस्तुति की गई है।
इसी तरह नगरीय स्थानीय निकायों के लिए इन्हीं दोनों मदों के लिए क्रमश: 8499.37 करोड़ व 2049.84 रुपये की संस्तुति हुई है। यह रकम 2015-16 से 2019-20 के बीच मिलनी है।
केंद्र ने तय किए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
केंद्र ने इस पैसे के उपयोग के लिए वित्तीय प्रबंधन, एकाउंट मैनेजमेंट और काम में पारदर्शिता के लिहाज से कई महत्वपूर्ण दिशानिर्देश तय किए हैं।
केंद्र के निर्देशों पर अमल के लिए ही यक कमेटी गठित की गई है। यही कमेटी समय-समय पर अनुदान से संबंधित कार्यों की वित्तीय व भौतिक प्रगति की समीक्षा करेगी। वह अनुदान के उपयोग का मूल्यांकन भी कराएगी जिससे यह पता चल सकेगा कि इस रकम का उपयोग आयोग के स्तर से निर्धारित मदों में ही हो रहा है या नहीं।
इस तरह होगी कमेटी
मुख्य सचिव - अध्यक्ष, प्रमुख सचिव वित्त - सदस्य सचिव, प्रमुख सचिव पंचायतीराज- सदस्य और प्रमुख सचिव नगर विकास - सदस्य।