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अखिलेश ने बढ़ाई भाजपा की चुनौती, नई सरकार पर होगा उम्मीदों का भारी बोझ

Wed, 15 Mar 2017 12:05 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 15 Mar 2017 12:05 PM IST
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UP govt to have big burden to fulfill people's demand.
कार्यवाहक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

जनता ने यूपी में भाजपा का सियासी वनवास खत्म कर प्रचंड बहुमत की सरकार तो बनवा दी पर अब उस पर जनता से किए वादे निभाने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह कह कर भाजपा की चुनौती बढ़ा दी है कि जनता ने शायद उनसे बेहतर काम के लिए जनादेश दिया है।

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बताते चलें कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था बहुत अच्छी नहीं है। सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू हो चुकी हैं लेकिन भत्तों का एलान अभी नहीं हुआ है। केंद्र द्वारा भत्ते की घोषणा के बाद बजट का बड़ा हिस्सा भत्ते पर खर्च होने की संभावना है। इसका भुगतान 2017-18 के बजट से ही करना पड़ेगा।
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राज्य की ऋणग्रस्तता लगातार बढ़ी है और राजस्व वसूली लक्ष्य के हिसाब से नहीं हो पा रही है। इन हालात में भाजपा के सामने किसानों का फसली ऋण माफ करने की चुनौती है। प्रदेश में 2.33 करोड़ किसान हैं। इनमें लघु व सीमांत किसानों की संख्या 92 फीसदी है।

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कैसे होगा किसानों के कर्ज माफी की रकम का बंदोबस्त

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प्रदेश में सितंबर-2016 तक बैंकों में 1,26,889.34 करोड़ रुपये कृषि ऋण बकाया था। इसमें 92,121.85 करोड़ फसली ऋण का है। भाजपा ने लघु व सीमांत किसानों के इसी फसली ऋण को माफ करने का वादा किया है।

प्रधानमंत्री ने जनता से वादा किया है कि वह सरकार बनने के बाद पहली बैठक में ही किसानों का कर्ज माफ करा देंगे। देखना होगा कि सरकार इस बड़ी रकम का बंदोबस्त कैसे करती है।

लैपटॉप पर खर्च करना होगा कई हजार करोड़
सपा सरकार ने 2012 के घोषणापत्र में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण सभी छात्रों को लैपटॉप देने का वादा किया था। पहली बार इस घोषणा के अमल पर करीब 1500 करोड़ का खर्च आया।

अगले साल से ही सपा सरकार को इसे मेधावियों तक सीमित कर देना पड़ा। अब भाजपा ने एक जीबी डेटा के मुफ्त इंटरनेट सेवा का वादा किया है। खजाने की मोटी रकम इस मद में खर्च होगी।

शिक्षामित्रों की उम्मीद पूरी करना बड़ी चुनौती

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सरकार ने शिक्षामित्रों की समस्या तीन महीने में सुलझाने का वादा किया है। भाजपा सरकार के सामने इस वादे को निभाना किसी चुनौती से कम नहीं है।

मामला सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन है और कभी भी इस पर फैसला आ सकता है। इस प्रकरण का समाधान भाजपा सरकार के लिए परीक्षा जैसा होगा। प्रदेश सरकार ने सभी गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन भी देने का वादा किया है।

बेटियों के जन्म पर विकास बांड का वादा
भाजपा ने हर गरीब परिवार में बेटी के जन्म पर 50 हजार का विकास बांड देने का वादा किया है। इसमें कक्षा छह में पहुंचने पर तीन हजार, आठ में पहुंचने पर पांच हजार, दस में पहुंचने पर सात हजार और 12 में पहुंचने पर 8 हजार रुपये देने की बात कही है। बेटी के 21 वर्ष होने पर दो लाख रुपये देने का वादा है।

सरकार को इस बांड पर भी बड़ी रकम का बंदोबस्त करना होगा। गरीब बेटी के जन्म लेने पर 5001 रुपये भी देने का वादा किया है। यह रकम भी बजट पर बोझ बढ़ाएगी।

गन्ना किसानों से किया 14 दिन में भुगतान का वादा

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डेमो पिक

भाजपा ने गन्ना किसानों को 14 दिन के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान कराने का वादा किया है।

चीनी मिलों ने किसानों को चार पेराई सत्र की बकाया रकम पर ब्याज का भुगतान नहीं किया। सपा सरकार ने ब्याज की रकम माफ कर दी थी। यह रकम करीब 2000 करोड़ रुपये होगी।

हाईकोर्ट ने ब्याजमाफी को गलत फैसला बताते हुए इस पर प्रदेश सरकार को निर्णय लेने को कहा है। नई सरकार को इस पर फैसला लेना होगा। चालू पेराई सत्र का करीब 6200 करोड़ रुपये बकाया है।

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