2015 के अंत तक पूरे होंगे अखिलेश के कई सपने!
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आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार अपने विकास के एजेंडे को पूरी ताकत से जमीन पर उतारने में जुट गई है।
सरकार का जोर अब अगले डेढ़-दो साल में उन इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को पूरा कराने पर है जिन्हें उसने अपनी प्राथमिकता में रखा है।
2016 से गांवों को 16 घंटे और शहरों को 22 घंटे बिजली देने, आगरा एक्सप्रेस-वे पर विधानसभा चुनाव से पहले वाहन दौड़ाने और राजधानी में मेट्रो चलवाने पर खास फोकस किया जा रहा है।
इसके अलावा जिला मुख्यालयों को फोर लेन सड़कों से जोड़ने, अधूरे पुलों और सड़कों के निर्माण, आईटी सिटी व आईटी पार्क के विकास के साथ नई आवासीय योजनाओं, तकनीकी और चिकित्सा संस्थानों की स्थापना पर भी ध्यान केंद्रित है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इन परियोजनाओं की मॉनिटरिंग का जिम्मा अब मुख्य सचिव आलोक रंजन ने खुद संभाला है।
इस साल के अंत तक जमीन पर होंगी कई योजनाएं
मुख्य सचिव का कहना है कि सभी परियोजनाओं को तय समय पर पूरा कराया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं व कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी पहले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश बहादुर संभाल रहे थे।
उनके हटने के बाद से फिलहाल मुख्यमंत्री सचिवालय में यह जिम्मेदारी किसी को नहीं सौंपी गई है। सूत्रों का कहना है कि विभागों से प्रगति रिपोर्ट तो मुख्यमंत्री सचिवालय को नियमित भेजी जाती है लेकिन जमीन पर कितना काम हुआ या हो रहा है इसकी मॉनिटरिंग सही ढंग से नहीं हो पा रही है।
चूंकि मुख्य सचिव की देखरेख में विकास एजेंडा तैयार कराया गया और वही इसकी समीक्षा भी कर रहे हैं इसलिए मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग का जिम्मा भी उन्हें ही सौंपा गया है।
मुख्य सचिव का कहना है कि इस साल के अंत तक कई योजनाएं जमीन पर नजर आने लगेंगी।