सभी विभागों पर श्वेत पत्र लाएगी योगी सरकार, डीएम व एसपी पर रखेंगे नजर
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योगी आदित्यनाथ सरकार सभी विभागों पर अलग-अलग श्वेत पत्र जारी करेगी। मुख्यमंत्री योगी ने सभी विभागों का प्रजेंटेशन देखने के बाद मंत्रियों को अपने-अपने विभागों का श्वेत पत्र जल्द से जल्द जारी करने का फरमान सुना दिया है।
सभी मंत्री 100 दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री के सामने अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों पर प्रजेंटेशन देंगे। फिर सरकार 100 दिन के कामकाज पर रिपोर्ट कार्ड जारी करेगी। वहीं, सीएम ने कहा है कि डीएम व एसपी जनता की समस्याएं सुनें। वो ऑफिस में उनकी उपस्थिति देखने के लिए उनके लैंडलाइन पर कभी भी फोन कर सकते हैं।
ऊर्जा मंत्री व प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को मीडिया सेंटर में पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रजेंटेशन देखकर समझ लिया है कि विभागों में कहां-कहां कमियां हैं। कौन-कौन से प्रोजेक्ट देरी से चल रहे हैं। उन्होंने मंत्रियों व अधिकारियों को 100 दिन के एजेंडे को फोकस में रखकर काम करने का निर्देश दिया है।
शर्मा ने बताया कि प्रजेंटेशन से साफ हुआ कि बहुत सी योजनाएं सिर्फ लखनऊ तक सीमित रहीं। जमीन तक नहीं पहुंचीं। केंद्र की योजनाओं के साथ ऐसा ज्यादा हुआ है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के अलावा जिन-जिन जिलों के प्रभारी मंत्री हैं, वहां जाकर 100 दिन के एजेंडा तथा केंद्र व राज्य सरकार के कार्यक्रमों की जमीनी स्तर पर समीक्षा करें। अधिकारियों से भी जमीन पर योजनाओं व कार्यक्रमों का आकलन कर उनका लाभ जनता को पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
कैंप बंद कर दफ्तर से काम करें डीएम-एसपी
मुख्यमंत्री ने अफसरों को साफ हिदायत दी है कि वे जिलों में तत्काल कैंप ऑफिस बंद करें और सुबह नौ से 11 बजे तक कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याएं सुनें। अधिकारी जनसमस्याएं सुनने के लिए कार्यालय में है या नहीं, यह जानने के लिए योगी लैंडलाइन से कभी भी किसी अफसर को फोन कर सकते हैं।
सीएम ने कहा है कि जनता की समस्याएं सुनने के बाद डीएम तहसीलों की और एसपी थानों का निरीक्षण करें तथा लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करें। शाम छह बजे अफसरों का दफ्तर में उपस्थित रहना जरूरी है।
मंत्रियों के निरीक्षण में जनहित पर फोकस
मंत्रियों से कहा गया है कि वे निरीक्षण के समय बिजली आपूर्ति, सड़कों की स्थिति, किसानों की गेहूं व आलू खरीद को जरूर देखें। कानून-व्यवस्था बहुत बड़ा मुद्दा है, इसकी समीक्षा करें। सभी जिलों में पेयजल की उपलब्धता पर फोकस बढ़ाएं। बेसिक शिक्षा में बड़े पैमाने पर सुधार की जरूरत है। स्कूलों का निरीक्षण कर सुधार के प्रयास किए जाएं।
जिला अस्पतालों के साथ सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर देखा जाए कि डॉक्टर रात में रुक रहे हैं या नहीं। जनता को दवाइयां मिल रही हैं, या नहीं।
रिश्वत लेने वालों को जाना होगा जेल
शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर तत्काल एफआईआर और कार्रवाई होनी चाहिए। सिर्फ चेतावनी देकर नहीं छोड़ा जाएगा। रिश्वत लेने वालों को जेल जाना होगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति होगी।
बिजली की समस्याओं का समय से हो निदान
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिजली महकमे के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनकर उनका निराकरण करें। सभी गांवों में शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। आंधी, तूफान, ओलावृष्टि से यदि कहीं खंभे गिरने से तार टूटते हैं तो समय रहते उसे सुधार कर बिजली आपूर्ति सुचारु तरीके से करें।
जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों को साफ-सफाई के खास निर्देश
शर्मा ने बताया कि सीएम ने नगर आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे सफाई पर खास जोर दें और अपने-अपने शहरों को प्लास्टिक प्लेट, कप व पॉलिथीन से मुक्त करें। बरसात के पहले नाले-नालों की सफाई करा ली जाए, ताकि बरसात में शहरों में जलभराव न हो। इसी तरह जिलाधिकारियों को गांवों की साफ-सफाई पर खास ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व जल संरक्षण का काम जन आंदोलन की तरह होना चाहिए।
सीएम दरबार में ज्यादा शिकायत वाले जिलों के कलेक्टर तलब होंगे
शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर नियमित रूप से आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। जिस दिन वे बाहर रहेंगे, उस दिन कोई राज्यमंत्री समस्याएं सुनकर उनका समाधान कराएगा।
सीएम आवास पर जिन जिलों से ज्यादा शिकायतें आएंगी, वहां के डीएम, एसएसपी या संबंधित महकमों के अफसरों को मुख्यमंत्री तलब कर वजह पूछेंगे। जरूरी होने पर कार्रवाई भी होगी।
मंत्री जिले में तो तहसील दिवस में शामिल होंगे
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे उन्हें अपने जिले और विभाग का काम तो देखना ही है, जिन जिलों के प्रभारी मंत्री हैं वहां सरकार के 100 दिन के एजेंडे का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराना है। यदि वे जिलों में हैं तो तहसील दिवस में शामिल होकर जनता की समस्याओं का समाधान कराएं।
तहसीलों में सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। इसी तरह थाना दिवस पर थानों के प्रभारियों को जनता से मिलने और पूरी संवेदनशीलता के साथ उसकी समस्याओं का निराकरण कराने को कहा गया है।
घटना होने पर तत्काल मौके पर पहुंचें अफसर
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि कहीं कोई घटना होती है तो अफसरों को तत्काल वहां पहुंचना चाहिए। अभी अफसरों के घटनास्थल पर न पहुंचने की शिकायतें आम हैं। घटना की मुख्यमंत्री कार्यालय को भी तत्काल सूचना देनी चाहिए। अफसरों से कहा गया है कि जनता की समस्याओं का समाधान बिना भेदभाव के होना चाहिए।
अफसरों से बात करने में संयम बरतें मंत्री-कार्यकर्ता
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को हिदायत दी है कि वे अफसरों से बात करने में संयम बरतें। जहां गड़बड़ी कर रहे हैं, उसका संज्ञान लें लेकिन बातचीत में संयमित रहें। भाजपा भी यह सुनिश्चित करेगी कि कार्यकर्ताओं की शब्दावली पूर्ववर्ती सत्ताधारी दल की शब्दावली जैसी न हो।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर मंत्री करेंगे जनसुनवाई
शर्मा ने बताया कि भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर रोज एक मंत्री जनसमस्याओं की सुनवाई करेगा। मंत्रियों के कार्यक्रम तय कर दिए गए हैं। मंत्री को तय तिथियों में दो घंटे वहां रहकर समस्याएं सुननी होंगी।
श्वेत पत्र से भ्रष्टाचार का होगा खुलासा
ऊर्जा मंत्री से सवाल हुआ कि पिछली सरकार में ट्रांसफार्मर खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। सरकार में ट्रांसफार्मर सिंडीकेट काम कर रहा था। क्या सरकार उसकी जांच कराएगी? शर्मा ने कहा कि ट्रांसफार्मर का मामला उनकेसंज्ञान में है। ऊर्जा विभाग भी श्वेत पत्र लाएगा। उसमें सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।