फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP govt suspends six types of allowances to employees for one year

यूपीः कर्मचारियों के नियत यात्रा सहित छह भते खत्म करने का फैसला, सचिवालय संघ ने कहा- धोखा हुआ है

Tue, 12 May 2020 02:18 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 12 May 2020 02:18 AM IST
सार

 - कैबिनेट बाई सर्कुलेशन हुआ निर्णय, वित्त विभाग से आदेश जारी होना बाकी 
- 24 अप्रैल को एक वर्ष के लिए इन भतों को स्थगित करने का हुआ था फैसला 
 - कर्मचारी संगठनों में नाराजगी बढ़ी, सचिवालय संघ ने कहा धोखा किया गया 

विज्ञापन
UP govt suspends six types of allowances to employees for one year
भारतीय मुद्रा - फोटो : Social Media

विस्तार

प्रदेश सरकार ने नियत यात्रा भता सहित कर्मचारियों के छह भत्ते एक वर्ष के लिए स्थगित करने के निर्णय के एक महीने के भीतर ही इन्हें समाप्त करने का फैसला कर लिया है। इससे प्रदेश के 16 लाख कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। आपदा के बीच सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे कर्मचारियों में इस फैसले से आक्रोश बढ़ गया है। सचिवालय संघ ने सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों के साथ धोखा करार दिया है।  

विज्ञापन


प्रदेश के वित विभाग ने 24 अप्रैल को छह भते एक अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021 तक के लिए स्थगित करने का फैसला किया था। महामारी के मद्देनजर एक-एक दिन का वेतन देने और महंगाई भते डेढ़ वर्ष के लिए स्थगित किए जाने के निर्णय के बावजूद इन भतों को भी स्थगित किए जाने से कर्मचारी नाराज थे। लेकिन आपदा के बीच इस फैसले से वे मनमसोस कर रह गए थे। तब भी, कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि वित विभाग बहुत समय से इन भतों को समाप्त करने की साजिश रच रहा था। महामारी की आड़ में उसने भत्ते स्थगित कराए हैं।  इस बीच सोमवार को इन सभी भत्तों को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन समाप्त कराने का निर्णय कर लिया गया। इससे शासन से फील्ड तक काम करने वाले सभी स्तर और सभी संवर्ग के कर्मचारियों को झटका लगा है। 
विज्ञापन


फील्ड के उन कर्मचारियों को इस फैसले से ज्यादा ही मायूसी हाथ लगी है जो दिन-रात एक किए महामारी की जंग में डेढ़ महीने से लगे हुए हैं। हालांकि अभी तक भते समाप्त किए जाने का आदेश जारी नहीं हुआ है। एक-दो दिन में आदेश जारी होने की संभावना है। इन भतों से कर्मचारियों को ग्रेड पे व संवर्ग के अनुसार नुकसान होने की संभावना है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


अपर मुख्य सचिव वित संजीव मितल ने भते समाप्त किए जाने संबंधी सवाल पर कहा कि अभी तक कोई आदेश नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने ऐसे किसी निर्णय से इंकार नहीं किया। उधर, सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र ने सरकार के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि मार्च, 2021 तक स्थगित किए गए भतों को समाप्त करना एक प्रकार से कर्मचारियों के साथ धोखा किया जाना है। 


ये भत्ते भी हुए स्थगित 
नगर प्रतिकर भत्ता, सचिवालय भत्ता, पुलिस से जुड़े कर्मियों का विशेष भत्ता, अवर अभियंताओं का विशेष भत्ता, लोक निर्माण विभाग के कर्मियों को मिलने वाला रिसर्च भत्ता, अर्दली भत्ता व डिजाइन भत्ता, सिंचाई विभाग के कर्मियों को मिलने वाला आईएंडपी भता व अर्दली भत्ता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed