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यूपी में बिजली बकायेदारों को बड़ी राहत, 15 हजार करोड़ का सरचार्ज माफ

Tue, 11 Apr 2017 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 11 Apr 2017 02:07 AM IST
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UP govt refuses surcharge of power consumers.
- फोटो : अमर उजाला

राज्य सरकार ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के बिजली बिल बकाये का सरचार्ज माफ कर दिया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने भी सोमवार को आदेश जारी कर दिए।

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इस फैसले से 31 मार्च 2017 तक के बिजली बकायेदारों को लाभ मिलेगा। वे किस्तों में बकाया धनराशि जमा कर सकेंगे। यह राहत ग्रामीण व शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही कॉमर्शियल व इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को मिलेगी।
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बता दें, सूबे में विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं पर 15470.42 करोड़ रुपये बिजली के बिल का बकाया है। इन्हीं उपभोक्ताओं के बिजली बिल के बकाये पर सरचार्ज माफ करने के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने एमनेस्टी स्कीम बनाई है।
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यह स्कीम एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के बंद होने के बाद उसके स्थान पर लाई गई है। पावर कॉर्पोरेशन ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग से एमनेस्टी स्कीम को लागू करने की अनुमति मांगी थी।

नुकसान की भरपाई खुद बिजली कंपनियां करेंगी

UP govt refuses surcharge of power consumers.

आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा और सदस्य एसके अग्रवाल ने इस स्कीम को हरी झंडी देते हुए इस योजना के अंदर होने वाले नुकसान को अगले बिजली टैरिफ में किसी भी तरह समायोजित न करने का फैसला लिया है।

कहा, सरचार्ज माफी योजना के तहत जो भी नुकसान होगा उसकी भरपाई बिजली कंपनियों को खुद करनी होगी। वहीं, यह योजना एक बार के लिए है। इसे भविष्य में दोबारा लागू नहीं किया जाएगा। साथ ही कहा, बिजली कंपनियां इस स्कीम को अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स या फिर समकक्ष से अप्रूवल लेने के बाद ही लॉन्च करेगी।

इस योजना में हैवी इंडट्रस्टीज के बकायेदारों को शामिल नहीं किया गया है। शहरों में 45 दिन व गांव में 60 दिन में देना होगा बकाया योजना लॉन्च होने के बाद शहरी बिजली उपभोक्ता अपने बिल के बकाये को 45 दिन में किस्तों में जमा कर सकते हैं।

जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं को 60 दिनों के भीतर किस्तों में अपनी बकाया राशि जमा करनी होगी। लघु एवं मध्यम उद्योगों के उपभोक्ताओं को एक महीने के भीतर अपना बकाया जमा करना होगा।

समय पर बिल जमा करने वालों को भी राहत

UP govt refuses surcharge of power consumers.

आयोग ने समय पर बिजली का बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को भी राहत दी है। इन उपभोक्ताओं को दी जाने वाली 0.50 फीसदी की छूट को बढ़ाकर एक फीसदी कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि यह न लगे कि सरकार डिफॉल्टरों के ही हित में फैसला लेती है।

बिजली कंपनियों ने नहीं दी सरचार्ज बकाया संबंधी जानकारी
आयोग ने बिजली कंपनियों से कुल बकाये में मूल बकाया व सरचार्ज की अलग-अलग राशि की सूचना मांगी थी।

मगर बिजली कंपनियों ने यह सूचना नहीं दी। इसके बावजूद आयोग ने सरचार्ज बकाये का आदेश आनन-फानन में जारी कर दिया।

हालांकि आयोग ने कहा कि जब एमनेस्टी योजना पूरी हो जाए, तब इसके तहत कितनी राशि जमा हुई व कितना सरचार्ज माफ किया गया है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को जमा करनी होगी। यह भी बताना होगा कि कितने बगैर मीटर वाले उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाया गया।

किस श्रेणी के उपभोक्ताओं पर कितना बकाया

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श्रेणी--बकाया राशि (करोड़ में)
घरेलू--9923.59
कॉमर्शियल--1888.16
पब्लिक/प्राइवेट संस्थान--166.95

प्राइवेट ट्यूबवेल--2345.74
लघु व मध्यम उद्योग--776.23
बड़े व भारी उद्योग--369.75
कुल--15470.42

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