अखिलेश को अपनी 'ताकत' पर भरोसा, प्लान बी तैयार
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पंचायत चुनाव में यदि केंद्रीय बल न मिला तो राज्य सरकार अपने सुरक्षा बलों से चुनाव कराएगी। चुनाव में होमगार्ड, पीआरडी जवान व ग्राम चौकीदार लगाए जाएंगे।
इसके अलावा जीआरपी, सीबीसीआईडी, विजिलेंस के साथ ही सेल्स टैक्स व उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन में लगे पुलिसकर्मियों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया जाएगा।
राज्य सरकार ने केंद्रीय बल न मिलने की स्थिति में अपना ‘प्लान बी’ भी तैयार कर लिया है। दरअसल, राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव के लिए 423 कंपनी केंद्रीय बल मांगा था, लेकिन केंद्र ने इसे मुहैया कराने से मना कर दिया है। इस पर राज्य सरकार ने दोबारा केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।
वहीं केंद्रीय बल न मिलने की स्थिति में अपने सुरक्षा बलों से चुनाव कराने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
इस तरह की जाएगी सुरक्षा व्यवस्था
आईजी कानून व्यवस्था ए सतीश गणेश ने बताया कि सूबे में 90 हजार होमगार्ड हैं। 15 हजार पीआरडी/पीवीडी के जवान हैं। 85 हजार ग्राम चौकीदार हैं। 55 साल तक के स्वस्थ लोगों की ड्यूटी चुनाव में लगाई जाएगी। इसके लिए उम्र के हिसाब से इनकी सूची बनाई जा रही है।
जीआरपी, विजिलेंस, सीबीसीआईडी, सेल्स टैक्स व यूपीपीसीएल में तैनात पुलिस कर्मियों की भी चुनाव में ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें से 60 से 65 फीसदी फोर्स का इस्तेमाल चुनाव में किया जाएगा।
आईजी कानून व्यवस्था ने बताया कि 22-23 जिले ऐसे हैं, जहां पर फोर्स कम हैं। यह भी देखा जा रहा है कहां फोर्स अधिक है। अधिक फोर्स जहां होंगी, उन्हें पास के जिलों में भेजा जाएगा।
यह भी पता किया जा रहा है कि चुनाव के लिए कितने वाहनों की जरूरत है। उसका भी इंतजाम किया जा रहा है।