यूपी सरकार ने दिए छात्रसंघ चुनाव कराने के आदेश
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‘मिशन 2017’ में जुटी सपा सरकार ने युवाओं को लुभाने के लिए सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने का आदेश दिया है। चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार होंगे।
शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए। हालांकि कुछ महाविद्यालयों में चुनाव हो चुके हैं, पर बाकी ने अभी दूरी ही बनाए रखी है।
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा जितेन्द्र कुमार ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति के साथ ही डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों को छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।
निदेशक उच्च शिक्षा को कहा गया है कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार साफ-सुथरे तरीके से चुनाव करवाएं।
कमेटी में छात्रसंघ के गठन, छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया के तौर-तरीके दिए गए हैं। इसको लागू किया जाना बाध्यकारी है। जारी आदेश में सभी डीएम व एसएसपी को चुनाव में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
ज्यादातर ने चुनाव से बनाई दूरी
छात्रसंघ चुनाव पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने प्रतिबंध लगाया था। 2012 में जब सूबे में अखिलेश यादव की सरकार बनी तो उन्होंने चुनाव से प्रतिबंध हटा लिया था। इसके बाद कुछ महाविद्यालयों ने तो अपने यहां चुनाव करा लिए, लेकिन ज्यादातर ने इससे दूरी ही बनाए रखी।
यहां तक की लखनऊ विश्वविद्यालय ने भी अपने यहां छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए। सरकार के आदेश के बाद अब चुनाव जल्द होने की उम्मीद है।
चुनाव नहीं कराने पर विवि प्रशासन होंगे जिम्मेदार
हाईकोर्ट ने संतकबीरनगर स्थित एचआर पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज, खलीलाबाद में छात्रसंघ चुनाव को दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए साफ निर्देश दिया था कि चुनाव न करा पाने पर विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और जिला व पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाए।
प्रदेश सरकार ने भी छात्रसंघ चुनाव न करा पाने पर विवि व महाविद्यालय प्रशासन को दोषी ठहराने का निर्णय लिया है।
आठ सप्ताह के भीतर कराने होंगे छात्रसंघ चुनाव
छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा के साथ ही प्रदेश सरकार ने सत्र शुरू होने के आठ सप्ताह के भीतर इसे कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने यह भी साफ कर दिया है लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार ‘मोड ऑफ इलेक्शन’ तय करने का अधिकार विश्वविद्यालय का है।
पूरी चुनाव प्रक्रिया 10 दिनों में निपटाना होगा। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार चुनाव कराने व उसकी आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराना होगा।
चुनाव के दौरान गलियों, सड़कों, पार्कों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर चुनावी सभाएं आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
मत प्राप्त करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जाएगी। धार्मिक स्थलों का प्रयोग चुनाव प्रचार में नहीं किया जाएगा। वोट लेने के लिए वोटरों को रिश्वत देना व उन्हें डराना-धमकाना प्रतिबंधित है। कैंपस के अंदर निश्चित स्थानों पर ही हाथ से बने पोस्टर का उपयोग प्रत्याशी कर सकेंगे।
लाउडस्पीकर व वाहनों का प्रयोग प्रतिबंधित
छात्रसंघ चुनाव में लाउडस्पीकर व वाहनों के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। जानवरों का भी उपयोग चुनाव प्रचार में नहीं किया जा सकेगा। विवि की अनुमति लेकर ही जुलूस निकाला जा सकता है।
लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन किया तो जाएगा पद
लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन करने पर चुने गए छात्रसंघ प्रतिनिधियों को पद से हटाया जा सकता है।
विवि एवं महाविद्यालय के प्राधिकारी ऐसी स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं।
कुलपति तय करेंगे चुनाव कार्यक्रम
विवि एवं उससे जुड़े महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव का कार्यक्रम कुलपति निर्धारित करेंगे। चुनाव कार्यक्रम सरकार को भी भेजना होगा। साथ ही इसकी पूर्व सूचना स्थानीय जिला व पुलिस प्रशासन को देनी होगी।
शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए विवि प्रशासन पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। चुनाव विवि व जिला प्रशासन के सहयोग से कराए जाएंगे।
सरकार करेगी समीक्षा
छात्रसंघ चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार कराए जाने की समीक्षा सरकार करेगी। अगर समिति की सिफारिशों का उल्लंघन हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।