'पोस्टर वार' पर मिली मात तो भड़क गए सपाई
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प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गुजरात में लगे पोस्टर फाड़ने व 60 से अधिक होर्डिंग हटाने पर गुजरात सरकार से कड़ा विरोध जताया है।
यह होर्डिंग व पोस्टर गुजरात में 13वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के मद्देनजर वहां अहमदाबाद हवाई अड्डे से लेकर सम्मेलन स्थल तक लगे थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी इस सम्मेलन में 9 जनवरी को जाना है।
प्रदेश सरकार ने गुजरात में इस तरह के व्यवहार को अवैधानिक करार दिया है। इस सिलसिले में गुजरात सरकार को पत्र भी भेजा गया है। सपा ने भी इसे अमर्यादित व अलोकतांत्रिक बताया है।
सपा के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी के मुताबिक, इन होर्डिंगों व पोस्टरों पर अखिलेश के नेतृत्व में प्रदेश के विकास का ब्यौरा लिखा गया है। उन्होंने कहा, लगता है कि उप्र की प्रगति से गुजरात का शासन-प्रशासन भयभीत हो गया है। यह भी लग रहा है कि सूबे की प्रगति से गुजरात मॉडल की पोल खुल रही है। तभी गुजरात सरकार और उसकी मशीनरी ने यूपी के मुख्यमंत्री के पोस्टरों व होर्डिंग हटाकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सामान्य शिष्टाचार को तिलांजलि दी है।
होर्डिंगों को पुन: लगाने का आदेश दिया जाए
सपा प्रवक्ता के अनुसार, देश के भीतर ही किसी राज्य के प्रति ऐसा बर्ताव संविधान के संघीय ढांचे के विपरीत है। अप्रवासी भारतीयों से संबंधित विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली के मुताबिक, प्रदेश के 150 से ज्यादा एनआरआई भी सम्मेलन में आ रहे हैं। इसलिए भी यह आचरण ठीक नहीं है।
प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल ने भी गुजरात के अपने समकक्ष अधिकारी को पत्र लिखकर पोस्टर व होर्डिंग हटाने पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा है कि इस तरह किसी सरकार की होर्डिंग व पोस्टर हटाना गैरकानूनी है।
उन्होंने गुजरात के प्रमुख सचिव सूचना से आग्रह किया है कि अहमदाबाद नगर निगम को हटाई गई होर्डिंगों को पुन: लगाने का आदेश दिया जाए।
साथ ही निगम को सूचित कर दिया जाए कि उप्र का सूचना विभाग अहमदाबाद हवाई अड्डे से सम्मेलन स्थल तक लगभग सौ होर्डिंग लगाएगा, इन्हें 15 जनवरी तक लगा रहने दिया जाए।