फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP govt is getting prepare for budget 2015.

'गुड गवर्नेंस' पर एक कदम आगे बढ़ी अखिलेश सरकार

Sun, 28 Dec 2014 10:02 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 28 Dec 2014 10:02 PM IST
विज्ञापन
UP govt is getting prepare for budget 2015.

वित्त वर्ष 2015-16 का विकास एजेंडा सूबे के आगामी बजट का भी आईना होगा। सरकार ने इसीलिए एजेंडे को वित्त वर्ष शुरू होने के तीन महीने पहले ही तैयार करने की योजना बना ली है।

विज्ञापन


सपा सरकार ने सत्ता संभालने के साथ ही हर वित्तीय वर्ष में अपनी प्राथमिकता वाले कार्यों को पहले ही तय करना शुरू किया। इससे विभागों को काम में आसानी होने लगी।
विज्ञापन


नीतियां बनाने और कार्यों को पूरा करने की डेडलाइन तय करना आसान हो गया। मगर विकास एजेंडा वित्त वर्ष शुरू होने के ठीक पहले तैयार होने से विभागों को प्राथमिकताओं के हिसाब से बजट आवंटन कराने में दिक्कतें आने लगीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बजट पूर्वानुमान पहले ले लिए जाते थे और एजेंडा बाद में फाइनल होता था। इस बार सरकार ने अगले वित्त वर्ष का बजट बनाने के पहले ही एजेंडे को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू की।

मुख्य सचिव भी कर चुके हैं समीक्षा

UP govt is getting prepare for budget 2015.

विभिन्न विभागों से विचार-विमर्श का काम लगभग पूरा हो चुका है। मुख्य सचिव अपने स्तर पर एजेंडे की समीक्षा भी कर चुके हैं।

करीब-करीब सभी प्रमुख विभागों को पता चल गया है कि विकास एजेंडे में उनके किन-किन कार्यों को स्थान दिया जा रहा है। जल्दी ही इसे विभागों को आधिकारिक रूप से जारी कर दिया जाएगा।

शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि इस बार दो बड़े काम किए जा रहे हैं। पहला, जिले की विकास योजनाएं बजट के पहले ही जिलों से स्वीकृत कराने की योजना बनी। इस पर तेजी से अमल हो रहा है।

दूसरा, विकास एजेंडा भी बजट से पहले फाइनल किया जा रहा है। इससे विभाग सरकार की प्राथमिकताओं को शामिल कर अपने वार्षिक बजट अनुमान को अंतिम रूप देंगे।

प्राथमिकताओं के लिए मिलेगा पूरा साल

UP govt is getting prepare for budget 2015.

इससे जहां वर्ष की शुरुआत में ही बजट की व्यवस्था हो जाएगी, वहीं प्राथमिकताओं पर काम के लिए पूरा साल मिल पाएगा।

विकास एजेंडा बजट प्रस्ताव तैयार होने के बाद सामने आने पर उसके तमाम कार्यों के लिए अनुपूरक बजट का इंतजार करना होता था। इससे प्राथमिकता के कई काम पिछड़ जाते थे। नई व्यवस्था से ऐसा नहीं होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed