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राज्यपाल राम नाईक ने राजबब्बर को दी भाषा पर संयम बरतने की नसीहत

Sun, 04 Nov 2018 07:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 04 Nov 2018 07:28 PM IST
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up governor ram naik asked raj babbar to control his language
राज्यपाल राम नाईक - फोटो : amar ujala

राज्यपाल रामनाईक ने कानून-व्यवस्था को लेकर उन्हें लिखी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर की चिट्ठी की भाषा पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के जवाब में राजबब्बर को चिट्ठी भेजकर कहा है कि 4 वर्ष से ज्यादा के कार्यकाल में मेरी वाणी पर कोई विराम देखने को नहीं मिलेगा। हां, यह जरूर है कि मैं राज्यपाल के पद की गरिमा के अनुरूप बोलता हूं। इसके साथ ही उन्होंने चिट्ठी में राजबब्बर को दिवाली की बधाई भी दी है।

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दो नवंबर को राजबब्बर ने राज्यपाल को प्रदेश की कथित बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताते हुए पत्र लिखा था। राज्यपाल ने अपने जवाबी पत्र में लिखा है-कानून व्यवस्था के बारे में आपने (राजबब्बर ने) जो लिखा है, उसे मैंने तीन बार पढ़ा। इस बारे में मेरी सीएम से आवश्यकतानुसार चर्चा होती रहती है।
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आपने जो मुद्दे उठाए हैं, उनके संबंध में उचित कदम उठाया जाए, इसके लिए सीएम को आपका पत्र भेज रहा हूं। राज्यपाल ने राजबब्बर के पत्र में अपने बारे में लिखी भाषा को अमर्यादित बताया है। राम नाईक ने कहा, राजबब्बर ने अपने पत्र में मेरे शिथिल होने और वाणी पर विराम महसूस किए जाने को महसूस किए जाने की बात लिखी है। पर, राजनीति में संवैधानिक पदों का सम्मान लोकतंत्र की पहचान होती है। 
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आपकी भाषा सर्वथा उचित नहीं है। इसका मुझे खेद है। यह बात बिल्कुल भी ठीक नहीं है कि मेरी कोई मजबूरी है या मैं चुप हूं। किसी ने राजभवन की वाणी पर विराम नहीं लगाया है। इस पद पर मुझे 4 वर्ष 3 महीने हो गए हैं। मेरी वाणी पर कहीं कोई विराम देखने को नहीं मिलेगा।


राम नाईक अपने पत्र में आगे कहते हैं-हां यह जरूर है कि मैं राज्यपाल की गरिमा के अनुरूप बोलता हूं। सभ्य भाषा में अपने विचार रखता हूं, न कि आपकी शैली में। साथ ही कहा कि चूंकि राजबब्बर ने अपना पत्र प्रसार माध्यमों को भेजा था, इसलिए वह भी इस पत्र की प्रति समाचार पत्रों को जारी कर रहे हैं।

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