मई दिवस पर राज्यपाल ने दी बधाई, सीएम बोले- आज का दिन विकास की प्रक्रिया में श्रम का महत्व बताने वाला
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मई दिवस अर्थात श्रमिक दिवस पर यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व विपक्ष के नेताओं ने श्रमिकों व कामगारों को बधाई दी है।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि श्रमिक वास्तव में कर्मयोगी हैं। जिनके सहयोग से ही निर्माण व रचना संभव हो सकी है। उन्होने कहा कि लॉकडाउन के कारण आजीविका की समस्या से जूझ रहे श्रमिकों को प्रदेश सरकार रोजगार व भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने अपील की है कि रोजगारदाता भी वेतन का भुगतान कर उनके प्रति कृतज्ञता स्थापित करें।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा कि विश्व का समस्त वैभव श्रमिकों/कामगारों के अकथनीय श्रम का सुफल है। विकास की प्रक्रिया में 'श्रमेव जयते' का उद्घोष करता 'मई दिवस' हमारे कामगार एवं श्रमिक वर्ग के सम्मान का दिवस है। आइए, इस अवसर पर हम सब स्वतःस्फूर्त भाव से अपने कामगारों/श्रमिकों के हितों के संरक्षण का संकल्प लें।
विश्व का समस्त वैभव श्रमिकों/कामगारों के अकथनीय श्रम का सुफल है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 1, 2020
विकास की प्रक्रिया में 'श्रमेव जयते' का उद्घोष करता 'मई दिवस' हमारे कामगार एवं श्रमिक वर्ग के सम्मान का दिवस है।
आइए,इस अवसर पर हम सब स्वतःस्फूर्त भाव से अपने कामगारों/श्रमिकों के हितों के संरक्षण का संकल्प लें।
अखिलेश यादव बोले, आज का दिन शुभकामना या बधाई देने का अवसर तो नहीं
श्रमिक दिवस पर अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, इस साल कोरोनाकाल में एक अलग तरह का ‘श्रमिक दिवस’ है। देश के कई राज्यों में मज़दूर घरों से दूर बिना काम और पैसे के परेशान हैं, इस वजह से इस साल, इस दिन किसी शुभकामना या बधाई देने का अवसर तो नहीं है परंतु श्रमिक अपनों के पास घर सुरक्षित पहुँच पाएं, ये कामना तो हम कर ही सकते हैं।
इस मौके पर मायावती ने ट्वीट कर कहा, अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस जिसे मई दिवस के रूप में मजदूर व मेहनतकश वर्ग हर वर्ष धूमधाम से मनाते हैं परन्तु वर्तमान कोरोना महामारी व लॉकडाउन के कारण उनकी रोजी-रोटी पर अभूतपूर्व गहरा संकट छाया हुआ है। ऐसे में केन्द्र व राज्यों की कल्याणकारी सरकार के रूप में भूमिका बहुत ही जरूरी है।इस साल कोरोनाकाल में एक अलग तरह का ‘श्रमिक दिवस’ है. देश के कई राज्यों में मज़दूर घरों से दूर बिना काम और पैसे के परेशान हैं, इस वजह से इस साल, इस दिन किसी शुभकामना या बधाई देने का अवसर तो नहीं है परंतु श्रमिक अपनों के पास घर सुरक्षित पहुँच पाएं, ये कामना तो हम कर ही सकते हैं.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 1, 2020
उन्होंने आगे कहा, इसलिए केन्द्र व राज्य सरकारों से अपील है कि वे करोड़ों गरीब मजदूरों व मेहनतकश परिवार वालों के जीवनदायी हितों की रक्षा में सार्थक कदम उठाएं व उन बड़ी प्राइवेट कम्पनियों का भी संज्ञान लें जो केवल अपना मुनाफा बरकरार रखने के लिए कर्मचारियों की सैलरी में मनमानी कटौती कर रही हैं।
1.अन्तर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस जिसे मई दिवस के रूप में मजदूर व मेहनतकश वर्ग हर वर्ष धूम से मनाते हैं परन्तु वर्तमान कोरोना महामारी व लाॅकडाउन के कारण उनकी रोजी-रोटी पर अभूतपूर्व गहरा संकट छाया हुआ है। ऐसे में केन्द्र व राज्यों की कल्याणकारी सरकार के रूप में भूमिका बहुत ही जरूरी है
— Mayawati (@Mayawati) May 1, 2020
2. इसलिए केन्द्र व राज्य सरकारों से अपील है कि वे करोड़ों गरीब मजदूरों व मेहनतकश परिवार वालों के जीवनदायी हितों की रक्षा में सार्थक कदम उठाएं व उन बड़ी प्राइवेट कम्पनियों का भी संज्ञान लें जो केवल अपना मुनाफा बरकरार रखने के लिए कर्मचारियों की सैलरी में मनमानी कटौती कर रही हैं।
— Mayawati (@Mayawati) May 1, 2020