{"_id":"632b6cc411682212a4262386","slug":"up-government-will-build-schools-and-hospitals-by-removing-private-occupation-from-waqf-land","type":"story","status":"publish","title_hn":"Government Plan : वक्फ की जमीन से निजी कब्जे हटाकर स्कूल और अस्पताल बनवाएगी यूपी सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Government Plan : वक्फ की जमीन से निजी कब्जे हटाकर स्कूल और अस्पताल बनवाएगी यूपी सरकार
Thu, 22 Sep 2022 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमित मुद्गल, लखनऊ
अमित मुद्गल, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 22 Sep 2022 06:02 AM IST
सार
प्रदेश सरकार वक्फ की जमीन पर हुए अनाधिकृत निजी कब्जे हटाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 33 साल पुराना आदेश रद्द करते हुए वक्फ में दर्ज सरकारी जमीन का परीक्षण करने का आदेश दिया गया है। इस मसले पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा है कि ऐसी जमीन को मुक्त कराकर अस्पताल, स्कूल आदि बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
धर्मपाल सिंह
- फोटो : google
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार वक्फ की जमीन पर हुए अनाधिकृत निजी कब्जे हटाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 33 साल पुराना आदेश रद्द करते हुए वक्फ में दर्ज सरकारी जमीन का परीक्षण करने का आदेश दिया गया है। इस मसले पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा है कि ऐसी जमीन को मुक्त कराकर अस्पताल, स्कूल आदि बनाए जाएंगे।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने आदेश दिया है कि यदि कोई सार्वजनिक जमीन वक्फ संपत्ति में दर्ज कर ली गई है तो उसे रद्द कर राजस्व विभाग में मूल स्वरूप में दर्ज किया जाए। इस आदेश के परिप्रेक्ष्य में सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों से ऐसे भूखंडों की सूचना एक माह में मांगी गई है।
विज्ञापन
दरअसल 07 अप्रैल, 1989 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि यदि सामान्य संपत्ति बंजर, भीटा, ऊसर आदि भूमि का इस्तेमाल वक्फ (मसलन कब्रिस्तान, मस्जिद, ईदगाह) के रूप में किया जा रहा हो तो उसे वक्फ संपत्ति के रूप में ही दर्ज कर दिया जाए। इस आदेश के तहत प्रदेश में लाखों हेक्टेयर बंजर, भीटा, ऊसर भूमि वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कर ली गईं।
विज्ञापन
सरकार की मंशा
दरअसल सरकार की मंशा है कि वर्तमान में सरकारी जमीन यदि वक्फ में दर्ज है, लेकिन उसका सार्वजनिक उपयोग हो रहा है तो ठीक है पर यदि इन पर अनाधिकृत कब्जे हैं तो कार्रवाई हो। ऐसी शिकायतें आईं हैं सार्वजनिक उपयोग की भूमि को 33 साल पुराने आदेश के क्रम में पहले वक्फ में दर्ज कराया गया और फिर बेचा गया। आवासीय कॉलोनियां तक डेवलेप हुईं और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
वक्फ की जमीन ईश्वर की जमीन है। उस पर कब्जे का किसी को अधिकार नहीं। यह सर्वे कराकर अवैध कब्जे वाली जमीन की निशानदेही की जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। हम चाहते हैं कि ऐसी जमीन से अवैध कब्जे हटाकर वहां अस्पताल व स्कूल आदि बनें। अल्पसंख्यकों को इससे लाभ हो। सरकार नेक नीयत से सर्वे करा रही है।
- धर्मपाल सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री
पहले मदरसों का सर्वे और अब वक्फ जमीन का। सब मुस्लिमों को प्रताड़ित करने की मंशा है। हमने मदरसों का सर्वे भी कराया। वहां सब कुछ ठीक था। अब वक्फ की जमीन का सर्वे कर लो। हम तैयार हैं। इंसाफ की नजर से मुल्क की भलाई के लिए किसी भी काम से कोई एतराज नहीं। बस सरकार की मंशा ठीक हो।
- शफीकुर्रहमान बर्क, सांसद सपा
सरकार का सकारात्मक कदम
जो 33 साल पुराना त्रुटिपूर्ण आदेश था उसे रद्द किया गया। सरकार समय-समय पर ऐसे शासनादेश हटाती रहती है जो अनुकूल नहीं। वक्फ संपत्तियों का सर्वे सरकार का बहुत ही सकारात्मक कदम है। इसकी जितनी सराहना की जाए कम है। इसे गलत ढंग से न लिया जाए।
- अली जैदी, चेयरमैन उप्र. शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड