कोविड अस्पतालों की दुर्दशा छिपाने के लिए सरकार ने मोबाइल रखने पर लगाया प्रतिबंध: अखिलेश
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोविड अस्पतालों की दुर्दशा का सच जनता तक पहुंचे इसलिए कोरोना मरीजों के मोबाइल रखने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने रविवार को ट्वीट कर कहा कि अगर मोबाइल से संक्रमण फैलता है तो आइसोलेशन वार्ड के साथ पूरे देश में इसे बैन कर देना चाहिए। यही तो अकेले में मानसिक सहारा बनता है। वस्तुतः अस्पतालों की दुर्व्यवस्था व दुर्दशा का सच जनता तक न पहुंचे, इसीलिए ये पाबंदी है। जरूरत मोबाइल की पाबंदी की नहीं बल्कि सैनिटाइज करने की है।
अगर मोबाइल से संक्रमण फैलता है तो आइसोलेशन वार्ड के साथ पूरे देश में इसे बैन कर देना चाहिए. यही तो अकेले में मानसिक सहारा बनता है. वस्तुतः अस्पतालों की दुर्व्यवस्था व दुर्दशा का सच जनता तक न पहुँचे, इसीलिए ये पाबंदी है. ज़रूरत मोबाइल की पाबंदी की नहीं बल्कि सैनेटाइज़ करने की है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 24, 2020
बता दें कि कोविड अस्पतालों में भर्ती मरीज अब मोबाइल फोन नहीं रख पाएंगे। अस्पताल प्रशासन द्वारा परिजनों से बात कराने के लिए दो मोबाइल फोन की व्यवस्था की जाएगी।
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. केके गुप्ता ने सभी चिकित्सा संस्थानों, राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर कहा है कि एल टू व एल थ्री कोविड अस्पतालों में मरीजों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है, क्योंकि इससे संक्रमण फैलता है। इसलिए भर्ती मरीजों को उनके परिजनों से बात कराने के लिए दो डेडिकेटेड मोबाइल फोन इंफेक्शन प्रिवेंशन कंट्रोल प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए कोविड केयर वार्ड के इंचार्ज के पास रखवाया जाए।
'जिससे हमदर्दी की उम्मीद वहीं बना दर्द का सबब'
वहीं, एक अन्य ट्वीट में अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोनाकाल में सरकारी बद-इंतजामी की वजह से बात हवाई चप्पल पहननेवालों से भी आगे जाकर ‘नंगे पांव’ सड़कों पर चलने को मजबूर लोगों तक पहुंच गयी है। जिनसे जनता को हमदर्दी की उम्मीद थी वही दर्द का सबब बन रहे हैं।
सरकार सबके लिए है, ये थोथा नारा नहीं बल्कि संकल्प होना चाहिए।
कोरोनाकाल में सरकारी बद-इंतज़ामी की वजह से बात हवाई चप्पल पहननेवालों से भी आगे जाकर ‘नंगे पाँव’ सड़कों पर चलने पर मजबूर लोगों तक पहुँच गयी है. जिनसे जनता को हमदर्दी की उम्मीद थी वही दर्द का सबब बन रहे हैं.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 24, 2020
सरकार सबके लिए है, ये थोथा नारा नहीं बल्कि संकल्प होना चाहिए. #UnfitBJP pic.twitter.com/TSWnHaFjjl