योगी सरकार का बड़ा कदम, कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए यूपी में बनेंगे अलग थाने
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कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए सरकार प्रदेश में एक अलग थाना खोलेगी। लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम (पीसीपीएनडीटी एक्ट) के तहत यह थाना खोला जाएगा।
एसटीएफ की तर्ज पर यह थाना भी प्रदेश में काम करेगा। किसी भी जिले से इस संबंध में कोई सूचना मिलने पर तत्काल छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने यह जिम्मेदारी महिला कल्याण विभाग को सौंपी है। महिला कल्याण विभाग ने इसका प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है। इसमें थानाध्यक्ष से लेकर सब इंस्पेक्टर व कांस्टेबल तक तैनात किए जाएंगे। एडिशनल एसपी व डिप्टी एसपी भी इस विंग में तैनात होंगे।
प्रदेश में जहां कहीं भी कन्या भ्रूण हत्या को लेकर शिकायतें मिलेंगी वहां यह थाना कार्रवाई करेगा। राज्य स्तर पर भी एक विशेष सेल बनाया जा रहा है। इसमें कई विभागों के अफसर रहेंगे।
कई विभागों ने दे दी एनओसी
महिला कल्याण विभाग के इस प्रस्ताव पर गृह, न्याय, स्वास्थ्य सहित सभी संबंधित विभागों ने अपनी एनओसी दे दी है। योगी सरकार का मानना है कि यदि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत एक अलग थाना बनेगा तो यह केवल अपने काम पर ही फोकस करेगा। चूंकि सामान्य थानों की पुलिस कानून व्यवस्था के तमाम कामों में उलझी रहती है।
इस कारण इस मसले पर न्याय नहीं हो पाता है। अलग थाना बनने से कन्या भ्रूण हत्या जैसे काले धंधे में लगे नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर अंकुश लग सकेगा।
राजस्थान पैटर्न पर काम करने की तैयारी
राजस्थान में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत ब्यूरो ऑफ इनवेस्टीगेशन की एक अलग शाखा बनाई गई है। इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना पर स्थापित किया गया है।
इसके पास भी थाने जैसे पूरे अधिकार हैं। यह ब्यूरो बिल्कुल आईपीसी व सीआरपीसी की धाराओं के मुताबिक पुलिस थाने की तर्ज पर काम करता है। यूपी के अफसर राजस्थान जाकर इस थाने का अध्ययन भी कर चुके हैं।
कैबिनेट में जल्द प्रस्ताव लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अलग थाना बनाने का प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अफसरों से कहा कि इसकी औपचारिकताएं तत्काल पूरी कर ली जाएं ताकि इस थाने को प्रदेश में स्थापित किया जा सके। सरकार का मानना है कि इस थाने के बनने से तेजी से गिर रहे लिंगानुपात में भी सुधार आएगा।