सरकार रोजगार व खाने का प्रबंध करे, कोरोना को जनता हरा देगी : अखिलेश यादव
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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि वर्ष 2022 तक सबको घर देने का वादा करने वाले बेघर भटकते भूखे-प्यासे लोगों को एक वक्त की रोटी तक नहीं दे पा रहे हैं। यदि सरकार रोजगार और खाने का प्रबंध कर दे तो कोरोना को सरकार नहीं, जनता हरा देगी।
अखिलेश ने सोमवार को बयान में कहा कि जिस प्रकार आत्मप्रशंसा में मग्न सरकार अतिकेंद्रित ढुलमुल फैसलों की वजह से व्यवस्था करने में असफल रही है, उसका खामियाजा जनता भुगत रही है। सरकारी दावों के बावजूद झांसी, ललितपुर, मथुरा समेत कई सीमावर्ती क्षेत्रों से मजदूर अब भी फंसे हैं। प्रदेश में मजदूरों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ललितपुर में तिपहिया गाड़ी पलटने से 10 मजदूर घायल हो गए। सभी महाराष्ट्र से जौनपुर और प्रतापगढ़ लौट रहे थे।
पिछले डेढ़ माह में दूसरे राज्यों से लौटने वाले सैकड़ों कामगारों एवं श्रमिकों की दुखद मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जो ट्रेनें भाजपा राज में चलने जा रही हैं, उनमें सब एसी कोच हैं। किराया भी राजधानी के बराबर है। इनमें जनरल या स्लीपर के डिब्बे नहीं होंगे। इन सुविधाओं का लाभ संपन्न वर्ग ही ले सकेगा। गरीब तो इनके नजदीक भी नहीं जा पाएगा।
नासिक से पैदल आई गर्भवती तक की सुध नहीं ली
अखिलेश ने कहा, ललितपुर के बार थानाक्षेत्र के बरखिरिया गांव के पुनू नासिक में मजदूरी करते थे। लॉकडाउन में काम-धंधा बंद हो जाने के उनका परिवार अन्य मजदूरों के साथ पैदल ही चल दिया।
यूपी व मध्य प्रदेश की सीमा पर बालाबेहट में पुलिस ने पुनू व उनकी पत्नी राजाबेटी को आगे बढ़ने से रोक दिया। महिला को वहीं प्रसव पीड़ा हुई। साथी महिलाओं ने घेरा बनाकर नॉर्मल डिलीवरी कराई। राजाबेटी ने एक पुत्री को जन्म दिया। नासिक से पैदल चलकर बालाबेहट पहुंची गर्भवती महिला की शासन-प्रशासन ने सुध नहीं ली। सपा कार्यकर्ताओं ने उसके गांव पहुंचकर जच्चा-बच्चा का हाल जाना तथा मदद की।