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गुमनामी बाबा ही सुभाष चन्द्र बोस हैं? इस रहस्य से जल्द ही उठेगा पर्दा

Wed, 29 Jun 2016 04:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 29 Jun 2016 04:07 PM IST
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UP government sets up a panel to solve gumnami baba mystery
गुमनामी बाबा - फोटो : amar ujala
फैजाबाद के गुमनामी बाबा उर्फ भगवानजी के सच से अब जल्द ही पर्दा उठेगा। राज्यपाल राम नाईक ने इस मामले की जांच के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है।
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राज्यपाल का कहना है, इस मामले का सच सामने आना बेहद जरूरी है। मामले की जांच के लिए यूपी सरकार ने कमेटी गठित की है और इस कमेटी का चेयरमैन जस्टिस विष्णु सहाय को बनाया गया है।

यूपी के फैजाबाद जिले में सितंबर 1985 तक रहे गुमनामी बाबा के बारे में कहा जाता है कि वह कोई और नहीं बल्कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे।

बीते दिनों फैजाबाद में जब गुमनामी बाबा के सामान की जांच की गई तो उसमें गोल फ्रेम वाले छह ऐसे चश्मे मिले जैसे नेताजी सुभाषचंद्र बोस लगाया करते थे।

सामान ने बढ़ाया रहस्य

UP government sets up a panel to solve gumnami baba mystery
गुमनामी बाबा का सामान - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा नेताजी से जुड़ी कई दुर्लभ तस्वीरें भी मिली हैं। ज्यादातर फोटो आजाद हिंद फौज के प्रमुख अफसरों की हैं।

साथ ही अस्पताल में किसी शख्स के भर्ती होने की फोटो में नर्स डेनियल दिख रही हैं, जिन्हें नेताजी का करीबी माना जाता है।

गुमनामी बाबा ने फैजाबाद और अयोध्या दस साल बिताए हं। वहां रहने वाले कई लोगों का मानना था कि रामभवन में रहने वाले गुमनामी बाबा कोई और नहीं बल्क‌ि सुभाष चंद्र बोस थे। 

इसके अलावा गुमनामी बाबा की मौत के बाद फैजाबाद पहुंची उनकी भतीजी ललिता ने भी माना था कि गुमनामी बाबी ही नेताजी थे।
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