यूपी सरकार ने सपाइयों को दिया जवाब, कहा- कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को नहीं छोड़ेंगे
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राज्य सरकार ने सपा के आरोपों पर बुधवार को पलटवार किया। सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। निजी निवेश का वातावरण बनाकर नौजवानों को पक्षपात रहित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि योगी सरकार ‘दोषियों को छोड़ेंगे नहीं, निर्दोष को छेड़ेंगे नहीं’ के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष औरैया तथा डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर) के ब्लॉक प्रमुख के मामले में लगे आरोपों पर कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सरकार ने पुलिस एवं प्रशासनिक तंत्र को बगैर किसी भेदभाव व पूर्वाग्रह के मेरिट के आधार पर काम करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि सपा ने बुधवार को राज्यपाल को ज्ञापन देकर शिक्षामित्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने, बाढ़ पीड़ितों के लिए उचित इंतजाम न करने और सिपाहियों समेत कई भर्तियों को रोकने का मुद्दा उठाया था। जिस पर यूपी सरकार ने जवाब दिया।
शिक्षामित्रों की समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास
प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षामित्रों के मामले में जो भी कार्रवाई हुई है, वह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में हुई है। राज्य सरकार शिक्षामित्रों के साथ पूरी सहानुभूति रखती है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सर्वमान्य रास्ता निकालने के लिए काम कर रही है। एक अगस्त से उन्हें 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने एवं शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का मौका प्रदान करने का निर्णय लिया गया। उन्हें टीईटी परीक्षा में 2.5 अंक प्रतिवर्ष के हिसाब से अधिकतम 25 भारांक देने का निर्णय भी लिया गया।
राज्य सरकार शिक्षामित्रों की समस्याओं का समाधान व उनके हितों के संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। सरकार लोक कल्याण संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। पहली कैबिनेट बैठक में लघु एवं सीमांत किसानों को राहत पहुंचाने के लिए उनके एक लाख रुपये तक के फसली ऋण को माफ करने का फैसला किया गया।
सरकार चौकीदार, रसोइयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित सभी कार्मिकों के हित में निर्णय लेने के लिए वचनबद्ध है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री/सहायिका के मानदेय एवं सेवा-शर्तों में सुधार के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। शासन ने कार्यकर्त्रियों को मानदेय देने के लिए 389 करोड़ रुपये तथा अतिरिक्त मानदेय के रूप में 123.02 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
भर्तियों में ईमानदारी व पारदर्शिता के निर्देश
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि भर्तियों में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में की गई भर्ती के कई मामलों में न्यायालयों द्वारा या तो स्थगन आदेश दिए गए या उन्हें अवैध घोषित कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग जैसी विश्वसनीय संस्था की प्रतिष्ठा भी तत्कालीन सरकार के समय में प्रभावित हुई जिस कारण सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति करनी पड़ी। योगी सरकार ने पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार रहित प्रक्रिया अपनाने के लिए पुलिस कार्मिकों एवं अध्यापकों की भर्ती के लिए नियमों में संशोधन किया है।
15 वर्षों की सरकारों ने बाढ़ के स्थायी निदान के प्रयास नहीं किए
प्रवक्ता ने कहा कि बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर आदि बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। पिछले 15 वर्षों से जिन लोगों के पास सरकार चलाने की जिम्मेदारी थी, उन्होंने बाढ़ की समस्या के स्थायी निदान के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। जिन बंधों पर अरबों रुपये खर्च किए गए, वे मामूली बाढ़ में क्यों और कैसे बह गए, यह सोचने की बात है।
इस वर्ष नेपाल द्वारा विगत 20 वर्षों की तुलना में नदियों में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हुई है, लेकिन राहत व बचाव के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं बाढ़ प्रभावित जिलों का सघन दौरा कर जनता से फीडबैक लेने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने अनेक बाढ़ग्रस्त इलाकों में नाव से पहुंचकर बचाव व राहत कार्यों को मौके पर परखा है।