योगी सरकार के मंत्रियों ने दफ्तरों में शुरू किया कामकाज, सीमित संख्या में ही कार्यालय आ रहे अफसर
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लॉकडाउन-2 के पहले दिन बुधवार को योगी सरकार के ज्यादातर मंत्रियों ने अपने दफ्तरों में कामकाज शुरू कर दिया। 20 मार्च के बाद से प्रदेश के मंत्री दफ्तरों में नहीं बैठ रहे थे। करीब 24 दिन बाद वीरान से पड़े सचिवालय के गलियारे में कुछ चहल-पहल दिखाई दी। हालांकि, अभी विशेष सचिव स्तर से नीचे के अधिकारी-कर्मचारी सीमित संख्या में ही कार्यालय आ रहे हैं लेकिन जरूरी स्टॉफ को बुलाया जा रहा है।
पीएम मोदी के निर्देश के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 12 अप्रैल को मंत्रियों की बैठक बुलाकर 15 अप्रैल से दफ्तरों में बैठकर कामकाज शुरू करने के निर्देश दिए थे।
लॉकडाउन-1 के दौरान तमाम मंत्री लखनऊ से बाहर अपने-अपने क्षेत्रों में या दूसरी जगह थे। इनमें से ज्यादातर राजधानी लौट आए हैं। मंत्रियों व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को दफ्तरों में कामकाज के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है।
मुख्यमंत्री तो प्रदेश में कोरोना संक्रमण की आहट के बाद से ही मोर्चे पर डटे हुए हैं। अभी तक उनके साथ वरिष्ठ नौकरशाहों की टीम लगी थी। अब मंत्री भी सक्रिय हो गए हैं।
इन मंत्रियों ने शुरू किया कामकाज
बुधवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा के अलावा ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, खादी ग्रामोद्योग एवं एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, खेल राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी, गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, दुग्ध विकास एवं पशुधन मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेंद्र तिवारी, उद्यान मंत्री श्रीराम चौहान समेत कई अन्य मंत्रियों ने अपने दफ्तरों में विभागीय अफसरों के साथ बैठक की।
खास बात यह है कि मंत्रियों ने अपने दफ्तरों से सरकारी कामकाज शुरू तो कर दिया है लेकिन हालात सामान्य होने तक लोगों से मिलने-जुलने पर पाबंदी रहेगी। जनता दर्शन भी स्थगित रहेगा।