यूपी: किराए के मकानों और कॉलोनियों में रहने वाले डॉक्टरों को परेशान किया तो खैर नहीं
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नई दिल्ली के बाद लखनऊ में भी कोरोना के इलाज में जुटे डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को उनके मकान मालिक और कॉलोनी वाले परेशान कर रहे हैं। इसको लेकर शासन ने जिला और पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को पूरी सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने डीजीपी से लेकर जिलों के एसपी व एसएसपी को पत्र लिखकर कहा कि कोरोना से पीड़ित मरीजों का इलाज करने वाले डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर कॉलोनी छोड़ने और किराए का मकान खाली करने पर दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे में अफसर इस तरह की घटनाओं का त्वरित संज्ञान लेकर उन्हें सख्ती से रोकें और डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा मुहैया कराएं
पुलिस कमिश्नर ने डॉक्टरों से ली जानकारी
लखनऊ पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बृहस्पतिवार को निजी अस्पतालों के मालिकों के साथ बैठक कर उनकी जरूरतों और अन्य परेशानियों के बारे में जानकारी ली। बैठक में डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना के इलाज में लगे चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को उनके मकान मालिक और कॉलोनी वाले परेशान कर रहे हैं। इस पर कमिश्नर ने बताया कि राजधानी समेत प्रदेश के अन्य जिलों के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारियों के स्तर पर डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।
मेडिकल से जुड़े सभी लोगों को लॉकडाउन में छूट
लॉक डाउन के दौरान मेडिकल क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को अस्पताल व दुकानों पर आने जाने की छूट दी गई है। इसके लिए उन्हें अस्पताल या मेडिकल स्टोर का आईकार्ड दिखाना होगा। जिन लोगों के पास आईकार्ड नहीं हैं, उन्हें संबंधित संस्थान की ओर से आईकार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।