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UP: सरकार ने वृंदावनी-फ्रिजवल को दी स्वदेशी योजना में एंट्री, ये गाय रोज देती हैं 40 लीटर दूध; जानें खासियत

Sat, 13 Jun 2026 11:20 AM IST
Akash Dwivedi चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 13 Jun 2026 11:20 AM IST
सार

प्रदेश सरकार ने वृंदावनी और फ्रिजवल नस्ल की गायों को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। ये संकर नस्लें अधिक दूध उत्पादन, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता और कम रखरखाव लागत के लिए जानी जाती हैं। इन्हें विभिन्न पशुपालन योजनाओं में शामिल कर पशुपालकों की आय बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

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UP: Government includes 'Vrindavani-Frieswal' in indigenous breed scheme; these cows yield 40 liters of milk d
सरकार की नई पहल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

प्रदेश में वृंदावनी और फ्रिजवल गाय को बढावा दिया जाएगा। इसे स्वदेशी गौ संवर्धन योजना में शामिल किया जाएगा। यह दोनों नस्लें नीदरलैंड और भारतीय नस्ल की संकर है। अधिक दुधारू होने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली हैं। बीमारी कम लगती है और पशुपालकों को ज्यादा फायदा मिलता है।

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प्रदेश सरकार की ओर से गोवंश संरक्षण और पशुपालकों को कम लागत में अधिक लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन नस्लों को बढावा दिया जा रहा है, जिनमें जेनेटिक तौर पर भारतीय मूल की नस्लों के गुण मौजूद हैं। पशुपालन विभाग की ओर से कराए गए अध्ययन में वृंदावनी और फ्रिजवल नस्ल की फायदेमंद माना गया है। 
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इन दोनों नस्लों में रखरखाव में कम खर्च आता है, जबकि ये औसतन प्रतिदिन 25 से 35 लीटर दूध देती हैं। कम समय में गर्भ धारण करती हैं। पांच से छह बच्चे देने के बाद भी उनकी सेहत ठीक रहती है। प्रदेश सरकार इन दोनों नस्लों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालन प्रोत्साहन योजना, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नंदिनी सहित अन्य योजनाओं में शामिल करने की तैयारी में है।

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वृंदावनी गाय की खासियत

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान द्वारा चार नस्ल को मिलाकर तैयार की गई है। इसमें होल्स्टीन, फ्रीजियन, ब्राउन स्विस व साहीवाल का मिश्रण है। ऐसे में यह मौसम के अनुकूल और रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली है। प्रतिदिन 25 से 35 लीटर दूध भी भरपूर देती है। इसके दूध में फैट (वसा) की मात्रा लगभग 4% से 4.5% के बीच होती है। जल्दी वयस्क होती है। लगभग 24 से 28 माह में पहली बार गर्भ धारण कर लेती है। थनैला सहित अन्य बीमारियां नहीं लगती हैं।

 

फ्रिजवल गाय की खासियत

केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान मेरठ और सैन्य फार्म के सहयोग से तैयार फ्रिजवल गाय भी संकर नस्ल है। फ्रिजवल नाम इसके माता-पिता की नस्लों से मिलकर बना है। फ्रिज यानी होल्स्टीन फ्रीजियन और वल यानी साहीवाल है। रोग प्रतिरोधक क्षमता और गर्मी सहने की शक्ति अधिक होती है। 

फ्रिजवल गाय में करीब 62.5% रक्त होल्स्टीन फ्रीजियन का और करीब 37.5% रक्त साहीवाल का होता है। डेयरी के लिए उत्तम है। दूध में फैट (वसा) की मात्रा लगभग 4% के आसपास होती है। 26 माह में गर्भधारण करती है। इसमें चीचड़, थनैला और अन्य उष्णकटिबंधीय बीमारियों से लड़ने भरपूर क्षमता है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

अपर मुख्य सचिव पशुधन ने बताया कि मुकेश कुमार ने बताया कि प्रदेश के पशुपालकों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। गाय प्राथमिकता है। ऐसे में ज्यादा दुधारू और वातावरण के अनुकूल रहने वाली एवं बीमारी मुक्त प्रजातियों को बढावा दिया जा रहा है। इन दोनों प्रजातियों को प्रदेश में बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया गया है।

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