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एक्सप्रेस वे सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने बनाई नीति, कड़े नियमों संग एप की मदद से रुकेंगे हादसे
Fri, 26 Jul 2019 01:37 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 26 Jul 2019 01:37 PM IST
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हादसों की रोकने के लिए सरकार ने अवैध ढाबे बंद कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे पर हर 15 किमी रंबल स्ट्रिप बनाई जाएगी ताकि वाहन चलाने वाले सतर्क रहें। यह जानकारी विधानसभा में बृहस्पतिवार को औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बसपा के सुखदेव राजभर की ओर से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों पर पेश किए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही एक ऐसा एप लांच किया जाएगा जिससे वाहन के एक्सप्रेस-वे पर पहुंचते ही जानकारी हो सकेगी कि कितनी दूरी पर एंबुलेंस, डायल 100 की गाड़ी, रिकवरी वैन तथा अन्य सेवाएं उपलब्ध हैं।
सुखदेव राजभर ने शून्य प्रहर में कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। परिवार के परिवार मौत के मुंह में समा रहे हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर चार वर्ष में 435 लोगों की मौत हुई है। आरसीसी रोड की वजह से टायर फटने से भी दुर्घटनाएं घट रही हैं। लालजी वर्मा ने कहा काफी दुर्घटनाएं यातायात नियमों का पालन न किए जाने के कारण होती हैं। एक्सप्रेस-वे व हाईवे पर गैरकानूनी ढंग से अतिक्रमण करके ट्रक व अन्य वाहन खड़े कर दिए जाते हैं जो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं।
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सुखदेव राजभर ने शून्य प्रहर में कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। परिवार के परिवार मौत के मुंह में समा रहे हैं। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर चार वर्ष में 435 लोगों की मौत हुई है। आरसीसी रोड की वजह से टायर फटने से भी दुर्घटनाएं घट रही हैं। लालजी वर्मा ने कहा काफी दुर्घटनाएं यातायात नियमों का पालन न किए जाने के कारण होती हैं। एक्सप्रेस-वे व हाईवे पर गैरकानूनी ढंग से अतिक्रमण करके ट्रक व अन्य वाहन खड़े कर दिए जाते हैं जो दुर्घटना का कारण बन रहे हैं।
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चालान के लिए डायल-100 को दे रहे निर्देश : महाना
सतीश महाना ने कहा कि डायल-100 की गाड़ियों को निर्देश भेज दिए जाएंगे कि एक्सप्रेस-वे व हाईवे पर सड़क के किनारे खड़े वाहनों का चालान किया जाए। महाना ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे हादसे के बाद राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। परिवहन निगम ने 300 किमी से ज्यादा रूट की बसों में दो ड्राइवर भेजने का फैसला किया है। निर्धारित से तेज गति से चलने वाले वाहनों की सूचना अगले टोल पर पहुंच जाएगी और उन्हें टोल के साथ चालान की पर्ची भी दी जाएगी। यमुना एक्सप्रेस-वे पर यह हो गया है जबकि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर जल्द हो जाएगा।
लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा
महाना ने कहा कि यातायात नियमों के प्रति लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। अगर किसी ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने की ठान ही रखी है तो कुछ नहीं किया जा सकता। डिवाइडर से उचित दूरी पर रंबल स्ट्रिप लगाने का फैसला किया गया है। पुराने ट्रैक्टर तथा वाहनों में बैक लाइट व रिफ्लेक्टर लगवाने पर जोर दिया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के किनारे अवैध ढाबे बंद कराए जाएंगे ताकि गलत दिशा से वाहनों की इंट्री व लोगों की आवाजाही रोकी जा सके। अधिष्ठाता वीरेंद्र सिंह ने यह कहते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि दुर्घटनाएं रोकने को सुझावों के लिए कभी भी बैठ सकते हैं।
लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा
महाना ने कहा कि यातायात नियमों के प्रति लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। अगर किसी ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने की ठान ही रखी है तो कुछ नहीं किया जा सकता। डिवाइडर से उचित दूरी पर रंबल स्ट्रिप लगाने का फैसला किया गया है। पुराने ट्रैक्टर तथा वाहनों में बैक लाइट व रिफ्लेक्टर लगवाने पर जोर दिया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के किनारे अवैध ढाबे बंद कराए जाएंगे ताकि गलत दिशा से वाहनों की इंट्री व लोगों की आवाजाही रोकी जा सके। अधिष्ठाता वीरेंद्र सिंह ने यह कहते हुए कार्यस्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया कि दुर्घटनाएं रोकने को सुझावों के लिए कभी भी बैठ सकते हैं।