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लक्ष्य से ज्यादा जोड़ों का सामूहिक विवाह, यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री का बयान
Sat, 16 Nov 2019 12:45 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 16 Nov 2019 12:45 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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प्रदेश सरकार ने 74 जिलों में चल रहे समाज कल्याण विभाग के वृद्धाश्रमों की जांच कराने का फैसला किया है। अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने प्रमुख सचिव को शीघ्र जांच पूरी करके रिपोर्ट देने को कहा है। इसके अलावा खराब निर्माण कार्य करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को काली सूची में डालने का निर्णय भी लिया गया है।
समाज कल्याण विभाग देवरिया जिले के अलावा सभी 74 जिलों में ट्रिपल पी मोड में वृद्धावस्था आश्रम सचालित कर रहे हैं। एनजीओ के माध्यम से चलाए जा रहे इन वृद्धाश्रमों पर सालाना 50 करोड़ रुपये खर्छ किए जाते हैं। कन्नौज, रामपुर और संभल समेत कई जिलों में संचालित वृद्धाश्रमों में अनियमितताओं की शिकायत मिली है।
संबधित एनजीओ को विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किए गए हैं। समाज कल्याण मंत्री ने शुक्रवार को सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयनकी जानकारी देने के लिए समाज कल्याण निदेशालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें अमर उजाला ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
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संबंधित अधिकारियों ने जवाब देने की कोशिश की, पर शास्त्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही कहा, इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का आदेश प्रमुख सचिव, समाज कल्याण मनोज सिंह को दिया जाता है। वे जांच करवाकर शीघ्रातिशीघ्र रिपोर्ट मुझे सौंपे। शास्त्री ने बताया कि कई आश्रम पद्धति विद्यालयों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता काफी खराब होने की शिकायत मिली है। गोंडा में स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय समेत सभी विद्यालयों में हो रहे निर्माण कार्यों की जांच कराई जा रही है।
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समाज कल्याण विभाग देवरिया जिले के अलावा सभी 74 जिलों में ट्रिपल पी मोड में वृद्धावस्था आश्रम सचालित कर रहे हैं। एनजीओ के माध्यम से चलाए जा रहे इन वृद्धाश्रमों पर सालाना 50 करोड़ रुपये खर्छ किए जाते हैं। कन्नौज, रामपुर और संभल समेत कई जिलों में संचालित वृद्धाश्रमों में अनियमितताओं की शिकायत मिली है।
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संबधित एनजीओ को विभाग की ओर से नोटिस भी जारी किए गए हैं। समाज कल्याण मंत्री ने शुक्रवार को सामूहिक विवाह योजना के क्रियान्वयनकी जानकारी देने के लिए समाज कल्याण निदेशालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें अमर उजाला ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
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संबंधित अधिकारियों ने जवाब देने की कोशिश की, पर शास्त्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही कहा, इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का आदेश प्रमुख सचिव, समाज कल्याण मनोज सिंह को दिया जाता है। वे जांच करवाकर शीघ्रातिशीघ्र रिपोर्ट मुझे सौंपे। शास्त्री ने बताया कि कई आश्रम पद्धति विद्यालयों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता काफी खराब होने की शिकायत मिली है। गोंडा में स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय समेत सभी विद्यालयों में हो रहे निर्माण कार्यों की जांच कराई जा रही है।
गड़बड़ियां मिलने पर दोषी कार्यदायी संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। प्रमुख सचिव, समाज कल्याण मनोज सिंह ने बताया कि सरकार ने सभी योजनाओं को पारदर्शी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2010 में रुड़की के गुरुनानक एजूकेशनल सोसाइटी ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई के करीब 54 करोड़ रुपये का गबन किया। मामले में एफआईआर दर्ज कराकर जांच एसआईटी को सौंपी गई है।
24318 जोड़ों का कराया गया सामूहिक विवाह
समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की जा रही है। दो लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवार इस योजना का लाभ ले सकते हैं। न्यूनतम 10 जोड़ों के विवाह पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। वर्ष 2019-20 के लिए 250 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है। 14 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों में 21 हजार जोड़ों का सामूहिक विवाह का लक्ष्य लिया गया था, जिसके सापेक्ष 24318 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया।
अल्पसंख्यक वर्ग के 3020, ओबीसी के 7810, एससी-एसटी के 12487 और सामान्य वर्ग के 1001 जोड़ों की शादी कराई गई। अक्तूबर 2017 से अब तक 96164 जोड़ों की शादी कराई जा चुकी है। योजना के तहत लखीमपुर खीरी में 830, सहारनपुर में 673, बरेली में 632, प्रयागराज में 611, गोरखपुर में 601 और गाजीपुर में 576 जोड़ों का विवाह कराया गया है।
24318 जोड़ों का कराया गया सामूहिक विवाह
समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की जा रही है। दो लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवार इस योजना का लाभ ले सकते हैं। न्यूनतम 10 जोड़ों के विवाह पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। वर्ष 2019-20 के लिए 250 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है। 14 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों में 21 हजार जोड़ों का सामूहिक विवाह का लक्ष्य लिया गया था, जिसके सापेक्ष 24318 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया।
अल्पसंख्यक वर्ग के 3020, ओबीसी के 7810, एससी-एसटी के 12487 और सामान्य वर्ग के 1001 जोड़ों की शादी कराई गई। अक्तूबर 2017 से अब तक 96164 जोड़ों की शादी कराई जा चुकी है। योजना के तहत लखीमपुर खीरी में 830, सहारनपुर में 673, बरेली में 632, प्रयागराज में 611, गोरखपुर में 601 और गाजीपुर में 576 जोड़ों का विवाह कराया गया है।