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यूपी: सरकार ने बदले नियम, अब अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों का नाम करना होगा सार्वजनिक, बाहर लगेगा बोर्ड
Tue, 19 Nov 2024 07:35 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 19 Nov 2024 07:35 AM IST
सार
Government changed the rules: प्रदेश के अस्पतालों में पारदार्शिता बढ़ाने के लिए अब 50 से कम बेड वाले अस्पतालों में भी डॉक्टरों का नाम सार्वजनिक करना होगा।
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डॉक्टर का नाम लिखना जरूरी।
- फोटो : istock
विस्तार
प्रदेश में अब 50 से कम बेड वाले अस्पतालों को भी डॉक्टर सहित अन्य स्टॉफ का नाम सार्वजनिक करना होगा। इसके लिए उन्हें अस्पताल के बाहर डिस्प्ले बोर्ड लगानी होगी। सुरक्षा इंतजाम और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था करनी होगी।
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प्रदेश में अभी तक 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों पर क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट लागू किया गया था। अब 50 से कम बेड वाले अस्पतालों को भी इस एक्ट के सभी नियमों का पालन करना होगा। उन्हें क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत अस्पताल का पंजीकरण करानाहोगा।
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अस्पताल के बाहर 15 फीट का डिसप्ले बोर्ड लगाना होगा, जिस पर पंजीकरण नंबर, संचालक का नाम, कार्यरत डॉक्टर व स्टाफ नर्स का नाम व पंजीयन नंबर, बेड संख्या, अस्पताल में उपलब्ध सभी तरह की सुविधाएं आदि लिखना होगा। बोर्ड का बैकग्राउंड पीला एवं काले रंग से हिन्दी अक्षर में होगा। यह बोर्ड अस्पताल के मुख्य द्वार पर लगाया जाएगा।
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अस्पताल कचरा प्रबंधन के लिए अलग से व्यवस्था करनी होगी। इलेक्ट्रिक और सेफ्टी आडिट भी कराना होगा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के सचिव रंजन कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारियों को भेजे गए निर्देश में कहा है कि 50 से कम बेड वाले अस्पतालों का भी पंजीयन क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट के नियमों के तहत किया जाए।