फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   up government accepts priyanka gandhi proposal of one thousand buses for migrant labour

यूपी सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए एक हजार बस देने के प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को दी मंजूरी 

Mon, 18 May 2020 05:24 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Mohit Mudgal Updated Mon, 18 May 2020 05:24 PM IST
विज्ञापन
up government accepts priyanka gandhi proposal of one thousand buses for migrant labour
प्रियंका गांधी - फोटो : twitter

उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के प्रवासी मजदूरों को लिए एक हजार बस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यूपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह ), अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी को पत्र लिखकर बिना किसी देरी के एक हजार बसों और ड्राइवरों का विवरण मांगा है। इसके बाद कांग्रेस ने 1000 बसों की लिस्ट सौंप दी है। प्रियंका गांधी ने बसें लेने में देरी को लेकर यूपी सरकार की आलोचना की थी।  

विज्ञापन

 

वहीं, गाजियाबाद से आज मजदूरों को लेकर छह ट्रेनें रवाना होने वाली हैं। इनमें यूपी के तीन रूट पर जाने वाली ट्रेनों के लिए श्रमिक कविनगर रामलीला मैदान में जुटे हैं, जबकि बिहार जाने वाली तीन ट्रेनों के लिए श्रमिक घंटाघर रामलीला मैदान में एकत्र हुए हैं। इन दोनों ही जगहों पर श्रमिकों की संख्या हजारों में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार पर मदद न लेने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्वीट किया- 
 

उन्होंने ट्वीट किया, 'बसों को उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर लाकर खड़ा किया तो यूपी सरकार को राजनीति सूझती रही और हमें परमिशन तक नहीं दी। विपदा के मारे लोगों को कोई सहूलियत देने के लिए सरकार न तो तैयार है और कोई मदद दे तो उससे इंकार है।'

रविवार को भी प्रियंका ने किया था मुख्यमंत्री से निवेदन 
रविवार को प्रियंका गांधी ने इसी मामले को लेकर दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा कि हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों की संख्या में राष्ट्र निर्माता श्रमिक और प्रवासी भाई-बहन धूप में पैदल चल रहे हैं। मुख्यमंत्री इसकी परमिशन दें। हम अपने भाइयों और बहनों की मदद करना चाहते हैं। 

 

जबकि दूसरे ट्वीट में उन्होंने एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि ये राजनीति का वक्त नहीं है। हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई बहन बिना खाए पिए, पैदल दुनियाभर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं। हमें इनकी मदद करने दीजिए। हमारी बसों को परमिशन दीजिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed