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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Good news for teachers of the state, financial help of Rs 5 lakh will be given in case of serious illness

यूपी: प्रदेश के शिक्षकों के लिए खुशखबरी, गंभीर बीमारी होने पर मिलेगी पांच लाख की आर्थिक मदद; ये है योजना

Tue, 05 Aug 2025 08:53 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 05 Aug 2025 08:53 PM IST
सार

Teachers of UP: यूपी के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। अब किसी प्रकार की गंभीर बीमारी हो जाने पर उन्हें पांच लाख की आर्थिक सहायता मिलेगी। 

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UP: Good news for teachers of the state, financial help of Rs 5 lakh will be given in case of serious illness
यूपी के प्राइमरी शिक्षकों को मिलेगा लाभ। डेमो इमेज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के संगठन टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) ने गंभीर बीमारी से प्रभावितों की मदद के लिए जीवन दान योजना शुरू की है। इसके तहत दस अगस्त तक फंड जुटाकर 11 अगस्त को जरूरतमंद शिक्षकों को मदद की जाएगी। अभी पांच लाख से इसकी शुरुआत की जा रही है। आगे इसे और बढ़ाया जाएगा।

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प्रदेश में शिक्षकों द्वारा शिक्षकों के लिए बनाई गई संस्था टीएससीटी के संस्थापक अध्यक्ष विवेकानंद आर्य ने बताया कि गंभीर बीमारी के लिए जीवन दान योजना मंगलवार पांच अगस्त से शुरू की गई है। इसमें सदस्य 10 अगस्त तक 200 रुपये का सहयोग करेंगे। इससे एक कार्पस फंड एकत्र होगा। इसका प्रयोग सदस्य शिक्षकों की गंभीर बीमारी में सहयोग के लिए किया जाएगा। आगे आवश्यकतानुसार इस मद में सहयोग के लिए अलर्ट कर पैसा जुटा जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इसमें सहयोग पाने के लिए सदस्य को 18 महीने का सदस्य होना अनिवार्य है। यह शिक्षामित्र और अनुदेशक के लिए 17 महीने है। इलाज का खर्च 2 लाख से ऊपर होने पर ही मदद की जाएगी। अस्पताल में भर्ती होने के दौरान आने वाला खर्च ही मान्य होगा। शुरुआत में अधिकतम 5 लाख की मदद की जाएगी। आगे इसे बढ़ाया जाएगा।

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दो साल में एक बार मिलेगी मदद 

विवेकानंद ने बताया कि एक व्यक्ति को दो साल में एक बार ही मदद की जाएगी। आवेदन से 3 माह पूर्व व्यवस्था शुल्क जमा होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही इसका लाभ प्राप्त करने के लिए संगठन का वैधानिक सदस्य भी होना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त इस योजना का लाभ लेने के लिए पूर्व में बीमारी के लिए की गई अपील में 90 फीसदी अवसरों पर सहयोग करना भी आवश्यक होगा।

उन्होंने बताया कि आवेदन सीधे जिला टीम के माध्यम से स्वीकार किया जाएगा। आवेदन के लिए रजिस्टर्ड और मान्यता प्राप्त हॉस्पिटल का स्टीमेट ही मान्य होगा। खर्च की गणना अस्पताल में भर्ती होने से डिस्चार्ज होने तक की ही की जाएगी। यह खर्च एलोपैथी इलाज का ही मान्य होगा। उन्होंने कहा है कि अगर शिक्षक का कोई इलाज होने वाला है तो सभी पेपर और इस्टीमेट के साथ अपने जिला टीम को आवेदन भेज दें।

 

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