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UP: जालसाजों ने बसा दिया 400 घुसपैठियों का परिवार, एनआईए के हस्तक्षेप से खुली फर्जीवाड़े की पोल
Thu, 11 Dec 2025 08:51 AM IST
ishwar ashish
मनोज ओझा, अमर उजाला, रायबरेली
मनोज ओझा, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 11 Dec 2025 08:51 AM IST
सार
जालसाजों ने किसी परिवार में 25, तो किसी में 11 से 15 बच्चों तक के फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बना दिए। जांच में नुरुद्दीनपुर, लहुरेपुर व गढ़ी इस्लामनगर के पते पर एक भी परिवार नहीं मिला।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
जन्म प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े में शामिल जालसाजों ने बांग्लादेशी, रोहिंग्या व पाकिस्तानी संदिग्ध घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिले के सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, लहुरेपुर, गढ़ी इस्लामनगर गांव में कागजों पर ही 400 से अधिक परिवार बसा दिए। किसी परिवार के 25 तो किसी में 15 से 11 बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनाए गए। जांच में गांवों में संबंधित परिवार नहीं मिले। बुधवार को यहां के 250 से अधिक फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त किया गया।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हस्तक्षेप के बाद जांच हुई तो फर्जीवाडे़ की पोल खुलनी शुरू हो गई। नुरुद्दीनपुर गांव के आरिफ मलिक के 15 बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र बनाया गया, लेकिन जांच में गांव में परिवार नहीं मिला। अजमत अली के 13, इमरान खान के नौ बच्चों के साथ ही ऐश मोहम्मद, अब्दुल अजीज, अब्दुल अली व अकबर अली का भी गलत तरीके से गांव में पता दिखा कर प्रमाणपत्र बनाए गए। इनमें से चार बांग्लादेशी व दो रोहिंग्या मिले।
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रायबरेली के जिला पंचायतराज अधिकारी सौम्यशील सिंह का कहना है कि फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त कराया जा रहा है। बार-बार सर्वर के प्रभावित होने से समस्या हो रही है। अब तक 1046 प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं। एसआईआर का काम पूरा होने के बाद कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर इसमें तेजी लाई जाएगी।