UP: भाजपा के पांच जिलाध्यक्ष घोषित, रमेश प्रसाद गुप्ता को गोरखपुर, रामसकल पटेल को मिली वाराणसी की जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में बचे हुए पांच जिलाध्यक्षों की घोषणा कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नए पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। नियुक्तियों के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है।
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में बचे हुए पांच जिलाध्यक्षों की घोषणा कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नए पदाधिकारियों को बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। नियुक्तियों के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है।
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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने गुरुवार को प्रदेश के शेष बचे पांच जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी है। इसमें अम्बेडकरनगर, वाराणसी, चंदौली, गोरखपुर महानगर एवं देवरिया के जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। दिलीप देव पटेल को अम्बेडकरनगर, राम सकल पटेल को वाराणसी, काशी नाथ सिंह को चंदौली, रमेश प्रसाद गुप्ता को गोरखपुर महानगर एवं काली प्रसाद को देवरिया का जिलाध्यक्ष घोषित किया है।
भाजपा जल्द अपनी नई टीम घोषित करेगी
उत्तर प्रदेश संगठन में आमूलचूल बदलाव के साथ भाजपा जल्द अपनी नई टीम घोषित करेगी। इस नई टीम के जरिये भाजपा की रणनीति सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का जवाब अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अगड़ा) से देने की है।
इस समीकरण को साधने के लिए पार्टी सभी छह क्षेत्रीय इकाइयों के अध्यक्ष और सभी सात मोर्चे के अध्यक्ष के पद में बदलाव के साथ ही राज्य कार्यकारिणी में भी बड़ा बदलाव करेगी। केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिलने के बाद राज्य अध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी नई टीम की घोषणा कभी भी कर सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कई दौर की बैठकों के बाद नई टीम का खाका न सिर्फ तैयार कर लिया गया है, बल्कि इसे केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी भी मिल गई है।
पीडीए को ही वरीयता दी जाएगी
तय रणनीति के मुताबिक क्षेत्रीय इकाइयों, मोर्चों की कमान तय करने में अति पिछड़ा, गैरयादव पिछड़ा और अगड़ा वर्ग में संतुलन स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार नई कार्यकारिणी में 40 से 50 फीसदी जगह भी नए चेहरों से भरा जाएगा। नई कार्यकारिणी में भी अपने पीडीए को ही वरीयता दी जाएगी।
कई स्तर पर संवाद के बाद तैयार हुई सूची नई टीम की सूची तैयार करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बीएल संतोष और संघ के साथ कई दौर की चर्चा की। चर्चा के बाद उनकी ओर से केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट भी पेश किया गया। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने नई टीम के गठन के लिए हरी झंडी दे दी है।
लोकसभा परिणाम का ख्याल
बीते लोकसभा चुनाव में अति पिछड़ा वर्ग के कश्यप, कहार, प्रजापति, बिंद, बुनकर पिछड़ा वर्ग के कुर्मी और दलित वर्ग के पासी, कोरी, वाल्मिकी और खटीक जातियों के बड़े हिस्से के सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ जाने से भाजपा का समीकरण गड़बड़ा गया था। नई टीम के जरिये भाजपा की रणनीति इन जातियों को भी साधने की है। इसके अलावा नई टीम के जरिये पार्टी की निगाहें क्षेत्रवार समीकरण को भी अपने पक्ष में करने की है।
अंबेडकरनगर में दिलीप देव पटेल मंत्री और महामंत्री के रूप में निभा चुके हैं भूमिका
भारतीय जनता पार्टी ने जिले में संगठनात्मक बदलाव करते हुए कटेहरी विधानसभा क्षेत्र के भीटी गांव निवासी दिलीप देव पटेल (36) को नया जिलाध्यक्ष बनाया है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही जिले की राजनीतिक गतिविधियों में नई चर्चा शुरू हो गई है। संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे दिलीप देव पटेल इससे पहले जिला मंत्री और जिला महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।दिलीप देव पटेल किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता राम उजागिर वर्मा किसान हैं, जबकि माता नीलम वर्मा गृहिणी हैं। उनका ननिहाल टांडा क्षेत्र के चिंगी गांव में है। उनके नाना स्वर्गीय जियालाल वर्मा दो बार टांडा ब्लॉक प्रमुख रह चुके थे। बचपन और प्रारंभिक शिक्षा का एक बड़ा हिस्सा ननिहाल में बीता। वहीं से उन्हें सार्वजनिक जीवन और राजनीति की प्रेरणा मिली।
भाजपा जिलाध्यक्ष पद को लेकर पिछले कई दिनों से जिले के राजनीतिक और संगठनात्मक गलियारों में चर्चा चल रही थी। संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं और प्रभावशाली चेहरों के नाम चर्चा में थे। विशेष रूप से ठाकुर और ब्राह्मण समाज से आने वाले कुछ नेताओं को मजबूत दावेदार माना जा रहा था। ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने सभी कयासों को पीछे छोड़ते हुए दिलीप देव पटेल के नाम पर मुहर लगाई।
भाजपा संगठन में दिलीप देव पटेल का नाम सक्रिय कार्यकर्ताओं में गिना जाता रहा है। सदस्यता अभियान, संगठन विस्तार और विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी भूमिका रही है। जिला मंत्री और महामंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं और कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पहचान बनाई।
गौरतलब है कि भाजपा के जिला संगठन में यह बदलाव करीब ढाई वर्ष बाद हुआ है। इससे पहले 15 सितंबर 2023 को पार्टी नेतृत्व ने डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी के स्थान पर त्रयंबक तिवारी को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। अब पार्टी ने युवा नेतृत्व के साथ संगठन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।