यूपी : शिकायतों पर ऊर्जा मंत्री ने जताई नाराजगी, आपूर्ति संबंधी शिकायतों का तुरंत निस्तारण करने का निर्देश
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि लोगों को आपूर्ति संबंधी सूचनाएं देने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाए।
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गर्मी में बिजली कटौती की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अधिकारियों को आपूर्ति संबंधी शिकायतों का तुरंत निस्तारण कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि लोगों को आपूर्ति संबंधी सूचनाएं देने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में सूर्यास्त से सूर्योदय तक हर हाल में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सभी क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति की जाए।
बुधवार को शक्ति भवन में ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने ये निर्देश दिए। शर्मा ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से बिजली कटौती की शिकायतें उन्हें लगातार मिल रही हैं। पावर कार्पोरेशन चेयरमैन यह सुनिश्चित करें कि सभी क्षेत्रों में तय रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति हो। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में आंशिक कोरोना कर्फ्यू में छूट दी गई है। सभी प्रकार की गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू होंगी। इस दौरान और भी संवेदनशीलता से काम करने की जरूरत है। सिंचाई के लिए भी किसानों को आपूर्ति संबंधी समस्याएं नहीं होनी चाहिए। जहां ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायतें आ रही हैं वहां प्राथमिकता पर उसे बदलकर आपूर्ति बहाल की जाए।
ऊर्जा मंत्री ने सभी उपभोक्ताओं को समय पर सही बिल उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि इसमें लापरवाही बरतने वाली बिजली कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए। उपभोक्ता सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अधिकारी सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतों को सुनें, 1912 की शिकायतों और टेलीफोन पर आने वाली शिकायतों को भी तेजी से निस्तारित करें।
उन्होंने कहा कि संकट का समय है ऐसे में सभी लोग अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान दें। उन्होंने पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन को सुरक्षा मानकों के प्रबंध की नियमित निगरानी करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी उपकेंद्रों और बिलिंग काउंटर्स का निरीक्षण करें। किसी भी प्रकार की कोई परेशानी हो तो उच्चाधिकारियों से संपर्क कर उसका निस्तारण करवाएं।
औद्योगिक संगठनों ने सरकार से की मांग, सूक्ष्म व लघु उद्योगों का छह माह का बिजली फिक्स्ड चार्ज माफ हो
प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू की मार झेल रहे होटल-रेस्टोरेंट, वाणिज्यिक संस्थानों व छोटे दुकानदारों के बाद अब सूक्ष्म व लघु उद्योगों ने भी बिजली के फिक्स्ड चार्ज को माफ करने की मांग उठाई है। औद्योगिक संगठनों ने सरकार को पत्र भेजकर कोरोना से उद्योग-धंधों के बुरी तरह से प्रभावित होने का हवाला देते हुए कम से कम छह महीने का फिक्स्ड चार्ज माफ करने का अनुरोध किया है। इस बीच वाणिज्यिक व छोटे उद्योगों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से केंद्र से मदद मांगने की तैयारी की जा रही है।
पिछले दिनों राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को प्रस्ताव सौंपकर कोरोना संकट के मद्देनजर होटल-रेस्टोरेंट, वाणिज्यिक संस्थानों व छोटे दुकानदारों को बिजली के फिक्स्ड चार्ज, मिनिमम चार्ज व डिमांड चार्ज में राहत की मांग की गई है। अब इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश व तालकटोरा इंडस्ट्रियल इस्टेट इंडस्ट्रीज ओनर्स एसोसिएशन ने सरकार को पत्र भेजकर छह माह तक फिक्स्ड चार्ज में छूट की मांग की गई है। इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मो. यूनुस सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए पत्र में कहा है कि कोरोना महामारी व कोरोना कर्फ्यू के कारण सूक्ष्म व लघु उद्योगों का काम बिलकुल ठप चल रहा है। 2020 से उद्योगों पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। सूक्ष्म व लघु उद्योग अभी पिछले वर्ष के घाटे से उबर भी नहीं पाए थे कि 2021 में फिर कोरोना कर्फ्यू व बाजार बंदी से उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को पूरी तरह से खत्म होने से बचाने के लिए सरकार को उनके साथ सहानुभूति रखते हुए ज्यादा से ज्यादा सहायता उपलब्ध करानी होगी।
मो. यूनुस ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि सूक्ष्म व लघु उद्योगों के बिजली फिक्स्ड चार्ज को छह महीने के लिए माफ कर दिया जाए जिससे उद्योग पुनर्जीवित हो सकें। तालकटोरा इंडस्ट्रियल इस्टेट इंडस्ट्रीज ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव दीपक विरमानी ने ऐसा ही पत्र ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को लिखा है। भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि कामर्शियल उपभोक्ताओं व छोटे उद्योगों को राहत देने के लिए केंद्र से मदद मांगने पर मंथन चल रहा है। जल्द ही इस संबंध में फैसला किया जाएगा। ऊर्जा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि किसी तरह की छूट देने के बारे में फैसला सरकार के स्तर से ही हो सकता है। अभी कोशिश यही की जा रही है कि उपभोक्ताओं पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसी के मद्देनजर सरकार ने बिजली दरें न बढ़ाने का एलान किया है।