यूपी: प्रदेश में आमने-सामने आए ऊर्जा मंत्री और पावर कार्पोरेशन, जाति-धर्म के आधार पर भर्ती करने का आरोप
Power Corporation: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और पावर कार्पोरेशन के बीच चल रहा शीतयुद्ध बृहस्पतिवार को सामने आ गया। ऊर्जा मंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए बिजली के बढ़े दामों का मुद्दा उठाया।
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ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और पावर कार्पोरेशन के बीच चल रहा शीतयुद्ध बृहस्पतिवार को सामने आ गया। ऊर्जा मंत्री ने अपने ही विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल पर पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन पर जाति, धर्म और भ्रष्टाचार के तहत कुशल लोगों की छंटनी करने और अकुशल लोगों को भर्ती करने का आरोप लगाया है। उपभोक्ताओं पर 10 फीसदी ईंधन अधिभार लगाते वक्त भी उनसे नहीं पूछा गया। उन्होंने बिंदुवार घटनाक्रम लिखते हुए चेतावनी दी है कि इसे शासन का निर्देश समझा जाए और दोबारा ऐसी हरकत न करें।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पावर कार्पोरेशन अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल को भेजे गए पत्र में लिखा है कि वह वर्ष 2025 में विभिन्न तिथियों में पत्र लिख चुके हैं। इसमें बताया कि अनुभवी एवं कुशल कर्मचारियों को निकालकर जाति/धर्म अधारित अथवा भ्रष्टाचार के तहत अन्य कामियों की नियुक्ति की गई। लंबी अवधि से कार्यरत कुशल लोगों को हटा कर मनमाने ढंग से मनचाहे एवं अनुशल लोगों की भर्ती की जा रही है। बार-बार पत्र लिखने एवं मना करने के बाद भी कुशल कर्मचारियों की छटनी बंद नहीं हुई। इसका परिणाम बिजली अव्यवस्था के रूप में भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सहारनपुर के लाइनमैन को हटाने के मामले का भी जिक्र किया है। साफ कहा है कि इस तर ह की मनमानी से व्यवस्था के लिए तकनीकी प्रशासनिक या राजनैतिक रूप से समस्या खड़ी की गई।
ईंधन अधिभार की नहीं दी जानकारी
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पत्र में लिखा है कि 29 मई को फ्यूल एंड पावर पर्चेज एडजस्ममेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) 10 फीसदी लगा दिया गया। यह धनराशि उपभोक्ताओं से जून माह के बिल में वसूलने का निर्देश दिया गया। यह जानकारी उन्हें विभाग से मिलने के बजाय मीडिया से मिली। उन्होंने चेतावनी देते हुए लिखा है कि व्यापक असर वाले ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर विभाग के मंत्री की सहमति क्यों नहीं ली गई? कम से कम ऐसे निर्णय की पूर्व जानकारी देना क्या उचित नहीं था? भविष्य में ऐसी बातों का पुनरावर्तन न हो इसका ध्यान रखा जाए।
बदनाम करने वालों का करें तबादला
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने पत्र में यह भी कहा है कि गर्मी के चुनौतीपूर्ण समय में तमाम विद्युत कर्मियों ने निष्ठापूर्वक कार्य किया है, लेकिन कुछ कार्मयों ने जानबूझकर अथवा लापरवाह होकर कार्य करते हुए सरकार को बदनाम किया है। ऐसे कर्मियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए एवं वर्तमान ट्रांसफर सीजन में इनका यथायोग्य तबादला किया जाय। इस विषय में विस्तृत जानकारी उन्हें भी दी जाए।
बिना बताए बाहर जाने पर जताई आपत्ति
क्या कहते हैं अध्यक्ष
ऊर्जा मंत्री के पत्र की जानकारी मिली है। मुझे इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। बस इतना कहेंगे कि उपभोक्ताओं का हित सर्वोपरि है।- डॉक्टर आशीष कुमार गोयल, अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन।