यूपी: शातिर अपराधी ज्ञानचंद की पुलिस से मुठभेड़, गंभीर रूप से घायल इनामी बदमाश की अस्पताल में मौत
Encounter of criminal Gyanchand: शातिर अपराधी ज्ञानचंद पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गया था। अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। उसे तीन गोलियां लगी थीं।
विस्तार
70 से अधिक मुकदमों में वांछित था ज्ञानचंद
ज्ञानचंद पासी गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र के राजपुर गांव का निवासी था। उस पर हत्या, डकैती, लूट और गंभीर धाराओं में 70 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। एसटीएफ को मंगलवार देर शाम इनपुट मिला था कि वह बाराबंकी के रामनगर इलाके में छिपा है। इस सूचना पर डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम सक्रिय हुई और चौकाघाट इलाके में घेराबंदी की गई। खुद को घिरा देख ज्ञानचंद ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके से एसटीएफ ने एक पिस्टल, एक राइफल और 12 बोर की बंदूक बरामद की है।
गोंडा की डकैती से जुड़ रहे तार
24 अप्रैल की रात गोंडा में हुई डकैती में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एसटीएफ को आशंका है कि ज्ञानचंद इस वारदात में भी शामिल था। उसकी मौत के बाद पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि कार्रवाई एसटीएफ द्वारा की गई थी, जिसके बाद रामनगर पुलिस भी मौके पर पहुंची। मुठभेड़ और आरोपी की मौत की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
सिर, सीने और जांघ में लगीं तीन गोलियां, दो साथी मौके से भाग निकले
एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात ज्ञानचंद पासी को बुधवार शाम रामनगर क्षेत्र के लहाड़रा मोड़ के पास एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। उसके दो साथी मौके से भाग निकले। जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. विनायक के अनुसार ज्ञानचंद को तीन गोलियां लगी थीं। एक सिर में, दूसरी सीने के बाईं ओर और तीसरी दाहिनी जांघ पर। सिर में गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
ज्ञानचंद गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र के राजपुर गांव का निवासी था। उस पर हत्या, डकैती व लूट के 70 मुकदमे दर्ज थे। इनमें एक मुकदमा बाराबंकी जिले के बाकी गोंडा का भी है। एसटीएफ के अनुसार मंगलवार देर शाम सूचना मिली थी कि ज्ञानचंद रामनगर में छिपा है। डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही के नेतृत्व में एसटीएफ ने चौकाघाट क्षेत्र में घेराबंदी की। लहाड़रा मोड़ के पास जंगल में खुद को घिरा देख ज्ञानचंद ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
एसटीएफ के एक दरोगा ने बताया कि ज्ञानचंद के दो साथी मौके से भाग निकले। आशंका है कि सभी बदमाश किसी बड़ी वारदात के लिए रामनगर में एकत्र हुए थे। 24 अप्रैल की रात गोंडा में हुई डकैती में गृहस्वामी की गोली मारकर हत्या करने वाले गिरोह में ज्ञानचंद भी शामिल था।