UP: संपत्ति का ब्योरा न देने वाले कार्मिकों मिलेगा रुका वेतन, पर प्रमोशन में रहेगी पाबंदी; मुख्य सचिव का आदेश
Manav Sampada Portal: यूपी में संपत्ति का ब्योरा न देने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। उन कर्मचारियों को वेतन मिलेगा जिन्होंने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया था।
विस्तार
निर्धारित समय में चल-अचल संपत्ति का ऑनलाइन ब्योरा न देने वाले सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों का जनवरी व फरवरी का रुका वेतन जारी किया जाएगा। पर, उनकी पदोन्नति पर विचार नहीं होगा। इस बारे में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने शासनादेश जारी किया है। 31 जनवरी तक 47 हजार से ज्यादा कार्मिकों ने ब्योरा नहीं दिया था। इसके बाद इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई थी।
शासनादेश में कहा गया है कि जिन कार्मिकों ने 10 मार्च 2026 तक मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया था उनका जनवरी व फरवरी का वेतन रोका गया है। उनके खिलाफ 26 फरवरी व 28 अप्रैल के शासनादेश के अनुसार अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए रुका वेतन जारी करने का निर्णय लिया गया है। 26 फरवरी के शासनादेश के अनुसार पूर्व में निर्धारित 31 जनवरी तक चल अचल संपत्ति का ब्योरा न देने वाले कार्मिकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए और वर्तमान चयन वर्ष में उनकी पदोन्नति पर विचार न हो। इस वर्ष एसीपी न दी जाए। साथ ही विदेश यात्रा या प्रतिनियुक्ति के लिए विजिलेंस क्लियरेंस न दी जाए।
कैशलेस के लिए एडेड शिक्षकों का डाटा प्रधानाचार्य करेंगे सत्यापित
प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने की कवायद तेज हुई है। इसके तहत विभाग ने सभी डीआईओएस से निर्धारित प्रारूप पर विद्यालयों, वहां के प्रधानाचार्य आदि के बारे में जानकारी मांगी है। ताकि नियमित व मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों को इसका लाभ दिलाया जा सके।
विभाग के अनुसार इसके अगले चरण में शिक्षकों से उनका डाटा भरवाया जाएगा। इसे प्रधानाचार्य सत्यापित करेंगे। इसके बाद डीआईओएस के एप्रूव करते ही वह सीधे केंद्र सरकार को चला जाएगा और शिक्षकों का कार्ड बन जाएगा।