{"_id":"6a5a63000dcd2bc9d704abff","slug":"up-election-chief-election-commissioner-says-up-assembly-elections-will-be-held-on-schedule-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP : मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- यूपी में तय समय पर होंगे विधानसभा चुनाव, जनगणना को आगे-पीछे कर सकते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP : मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- यूपी में तय समय पर होंगे विधानसभा चुनाव, जनगणना को आगे-पीछे कर सकते हैं
Fri, 17 Jul 2026 10:44 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 17 Jul 2026 10:44 PM IST
सार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राज्य में समय पर ही विधानसभा चुनाव सम्पन्न होंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता हुई तो जनगणना के कार्य को आगे-पीछे बढ़ाया जा सकता है।
विज्ञापन
ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी में जनगणना का तीसरा चरण जिसमें घर घर जाकर लोगों की गणना होनी है, फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। वहीं 2017 और 2022 की समय सारणी के अनुसार फरवरी-मार्च 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। जनगणना और चुनाव साथ साथ कैसे हो सकते है, अमर उजाला के इस सवाल के जवाब में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जनगणना एक कानूनी प्रक्रिया है, जबकि विधानसभा चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इसलिए संवैधानिक प्रक्रिया ज्यादा महत्वपूर्ण है। कहा कि यूपी में 22 मई 2027 तक चुनाव कराना है, उससे पहले चुनाव करा दिया जाएगा। ज्ञानेश कुमार के कहने का आशय यह था कि विधानसभा चुनाव समय पर होंगे, आवश्यकता हुई तो जनगणना के कार्य को आगे-पीछे बढ़ाया जा सकता है। यहां बता दें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विशेष साक्षात्कार में उनके हवाले से अमर उजाला पहले ही यह प्रकाशित कर चुका है कि यूपी के विधानसभा चुनाव तय समय पर ही होंगे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - कानपुर एक्सप्रेसवे: दो व तीन पहिया वाहनों के लिए लगवाए चेतावनी बोर्ड, विपरीत दिशा से आने पर 5000 का जुर्माना
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर तैयार 4 लाख 37 हजार रुपये की नकली दवाएं पकड़ी, एक गिरफ्तार
ज्ञानेश कुमार ने अमर उजाला के एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि अगर यूपी में एसआईआर के दौरान रिश्तों का मिलान यानी वर्ष 2003 की मतदाता सूची में माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम गलत ढंग से हुआ है, तो शिकायत मिलने पर उसे भी ठीक करने के लिए समुचित कदम उठाए जाएंगे। हालांकि उन्होंने सीसीटीवी की नजर में मतदान करने की संभावनाओं से इनकार किया। कहा कि यह वोटर की निजता व गोपनीयता के अधिकारों का हनन होगा।