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UP Election 2022 : अखिलेश के सामने चुनाव लड़ेंगे मुलायम के पूर्व सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह बघेल
Mon, 31 Jan 2022 07:19 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 31 Jan 2022 07:19 PM IST
सार
भाजपा के रणनीतिकारों ने अखिलेश यादव के सामने किसी कमजोर उम्मीदवार को चुनाव लड़ाकर औपचारिक लड़ाई का संदेश देने की जगह मजबूत नेता को चुनाव लड़ाने की रणनीति रची है। मुलायम के पूर्व सुरक्षा अधिकारी रहे एसपी सिंह बघेल को अखिलेश के सामने चुनाव लड़ाने का निर्णय किया।
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एसपी सिंह बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के सुरक्षा अधिकारी रहे केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल करहल विधानसभा क्षेत्र से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने क्षेत्र के पाल, धनगर और बघेल समाज के वोट बैंक को साधने के साथ सपा अध्यक्ष के सामने मुकाबले को रोचक बनाने के लिए एसपी सिंह बघेल को मैदान में उतारा है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को करहल से नामांकन दाखिल किया था। सोशल मीडिया में भाजपा की ओर से अखिलेश के सामने अपर्णा यादव को चुनाव लड़ाने की चर्चा चल रही थी। इसी बीच केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने मैनपुरी भाजपा के जिलाध्यक्ष के साथ निर्वाचन अधिकारी दफ्तर पहुंचकर नामांकन दाखिल कर दिया। अखिलेश यादव के सामने भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने के करीब तीन घंटे बाद भाजपा ने तीन प्रत्याशियों की सूची जारी कर बघेल को प्रत्याशी घोषित किया।
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भाजपा के रणनीतिकारों ने अखिलेश यादव के सामने किसी कमजोर उम्मीदवार को चुनाव लड़ाकर औपचारिक लड़ाई का संदेश देने की जगह मजबूत नेता को चुनाव लड़ाने की रणनीति रची है। एक ओर जहां मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू अपर्णा यादव भाजपा में शामिल हो गई है। वहीं पार्टी ने रणनीति के तहत ही मुलायम के पूर्व सुरक्षा अधिकारी रहे एसपी सिंह बघेल को अखिलेश के सामने चुनाव लड़ाने का निर्णय किया। सूत्रों के मुताबिक भाजपा करहल में अपर्णा को अखिलेश के खिलाफ चुनाव प्रचार के लिए भी उतार सकती है। जानकारों का मानना है कि अखिलेश के सामने किसी सामान्य उम्मीदवार के चुनाव लड़ने से मुकाबला एक तरफा होता। लेकिन केंद्रीय राज्यमंत्री को चुनाव लड़ाकर मामले को टक्कर का बनाने के साथ रोचक भी बना दिया है। बघेल के चुनाव लड़ने से भाजपा को मैनपुरी, इटावा, एटा, आगरा सहित आसपास के जिलों में पाल, धनगर और बघेल समाज के वोट बैंक में भी फायदा होगा।
सपा और बसपा के बाद भाजपा में आए बघेल
एसपी सिंह बघेल ने राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से ही शुरू किया। 1998 से लेकर 2009 तक बघेल जलेसर से सपा के सांसद । 2010 से 2014 तक बघेल बसपा से राज्यसभा सदस्य रहे है। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें ओबीसी मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। मार्च 2017 में बघेल टूंडला से भाजपा के विधायक निर्वाचित हुए और योगी मंत्रिमंडल में पशुधन विकास मंत्री बनाए गए। 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बघेल को आगरा सुरक्षित सीट से लोकसभा उम्मीदवार घोषित किया। जुलाई 2021 में बघेल को मोदी सरकार में विधि एवं न्याय राज्यमंत्री नियुक्त किया गया।
दो दिन पहले भाजपा में शामिल हुए
भाजपा ने सोमवार को तीन उम्मीदारों की सूची जारी की है। दो दिन पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए मनोज प्रजापति को हमीरपुर से उम्मीदवार घोषित किया है। मनोज ने 2017 में हमीरपुर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें भाजपा के युवराज सिंह ने चुनाव हराया था।
शिवपाल के सामने चुनाव लड़ेंगे विवेक शाक्य
भाजपा ने इटावा की जसवंतनगर सीट से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सपा के उम्मीदवार शिवपाल यादव के सामने विवेक शाक्य को मैदान में उतारा है। हालांकि जसवंतनगर सीट को शिवपाल का गढ़ माना जाता है। 2017 में इस सीट पर भाजपा के मनीष यादव को 52 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था।