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महंगी बिजली बेचकर तीन दिन में कमाये 840 करोड़, सिर्फ यूपी से कमाया 80 करोड़ का मुनाफा
Thu, 14 Oct 2021 09:29 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 14 Oct 2021 09:29 PM IST
सार
कोयला संकट के चलते प्रदेश में उत्पादन ईकाइयों की कई मशीनें बंद हैं, जिसकी वजह से प्रदेश में करीब 4000 मेगावाट कम बिजली उत्पादन हो रहा है। इसका फायदा उठाते हुए पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड ने राज्यों को मंहगी बिजली बेचकर तीन दिनों में करीब 840 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने दावा किया है कि कोयला संकट से उत्पादन में आई गिरावट का फायदा उठाते हुए इंडियन एनर्जी एक्सचेंज पर निजी घरानों ने राज्यों को महंगी बिजली बेचकर तीन दिनों में 840 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। इसमें अकेले यूपी से 80 करोड़ की कमाई की गई है।
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इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मुलाकात कर एक जनहित प्रस्ताव सौंपा। इसमें महंगी बिजली बिक्री में भारी मुनाफाखोरी का दावा किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि कोयला संकट के चलते प्रदेश में करीब 4000 मेगावाट कम बिजली उत्पादन हो रहा है। वर्मा ने केंद्र सरकार से महंगी बिजली दर पर सीलिंग लगवाने का अनुरोध किया है। इस पर ऊर्जा मंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर एनर्जी एक्सचेंज में 20 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेचने को उपभोक्ता विरोधी बताते हुए इस पर सीलिंग लगाने की सिफारिश की है।
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उपभोक्ता परिषद ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि बिजली किल्लत का फायदा उठाते हुए पावर एक्सचेंज 7 से लेकर 20 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच रहा है, जबकि उत्पादन खर्च मात्र 6 रुपये प्रति यूनिट है। बताया कि केंद्रीय कानून के मुताबिक कोई भी बिजली की ट्रेडिंग करने वाली संस्था लागत से अधिकतम 4 पैसा प्रति यूनिट से अधिक मुनाफा नहीं कमा सकती है। जबकि निजी घराने 14 रुपये तक का मुनाफा कमा रहा है। आगे चलकर इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा।
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