डीजीपी की चेतावनी: मेरे पास सबका फीडबैक, नहीं सुधरे तो मेरी कलम चलेगी
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डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बुधवार को अपनी साप्ताहिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अफसरों के जमकर पेंच कसे। उन्होंने चेतावनी दी कि कौन क्या कर रहा है और कौन कितना काबिल है मुझे सब जानकारी है। ऐसे अफसर सुधर जाएं नहीं तो मेरी कलम चलेगी तब ज्यादा नुकसान होगा।
भ्रष्टाचार की शिकायत आई तो विजिलेंस और एंटी करप्शन से जांच कराएंगे। प्रमोशन से डेप्युटेशन तक सब प्रभावित होगा। डीजीपी आगरा और गोरखपुर जोन के अफसरों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे काम से मतलब है। पुलिस अधीक्षकों से कहा कि आप लोग डीजीपी का सीयूजी नंबर देखते हैं तो फोन उठाते हैं।
अफसर अपना सीयूजी नंबर अपने पास रखने में और आम लोगों का फोन रिसीव करने में अपनी तौहीन समझते हैं। डीजीपी के सर्कुलर पर निगाह भी नहीं डालते हैं। विवेचनाओं की मॉनीटरिंग में लापरवाही होती है। आखिर किस बात के अधीक्षक हैं?
सुरक्षा व कानून व्यवस्था में लगाएं ज्यादा पुलिस कर्मी
डीजीपी ने एक अफसर से पूछा कि कितनी जनसंख्या पर बीट का निर्धारण किया है? उस अफसर ने कहा कि चार गांव पर एक बीट बनाई है। डीजीपी ने कहा कि इसका मतलब है कि सर्कुलर आपने देखा तक नहीं। 3 जनवरी को भेजे गए सर्कुलर में शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र में कितनी जनसंख्या पर बीट होगी वह सब लिखा है।
डीजीपी ने कहा कि सभी पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में उपलब्ध जन शक्तियों की समीक्षा करें। अधिक से अधिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी सुरक्षा और कानून व्यवस्था में लगाएं ताकि लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा हो।