यूपी: राहुल गांधी की नागरिकता पर 15 अप्रैल को हो सकता है फैसला, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से तलब किए रिकॉर्ड
Rahul Gandhi citizenship controversy: राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर लखनऊ हाईकोर्ट में 15 अप्रैल को अहम सुनवाई होनी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को राहुल गांधी के नागरिकता विवाद मामले में अगली सुनवाई 15 अप्रैल को निर्धारित की है। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने मामले में पुनः केंद्र सरकार को रिकार्ड पेश करने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने यह आदेश याची एस विग्नेश शिशिर की अर्जी पर दिया। याची ने पहले, मामले में केंद्र सरकार को गृह मंत्रालय के माध्यम से पक्षकार बनाने की गुजारिश की थी।
गत 19 मार्च को मामले की सुनवाई शुरू होते ही केंद्र सरकार की ओर से न्यायालय से अनुरोध किया गया था कि यह सुनवाई खुले कोर्ट में न की जाए क्योंकि गृह मंत्रालय से आए दस्तावेज काफी गोपनीय प्रकृति के हैं। इस पर कोर्ट ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर, मामले की सुनवाई चैंबर में की थी। केंद्र के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एस बी पांडेय ने बताया कि सोमवार को कोर्ट ने मामले में सुनवाई के बाद अगली सुनवाई की तिथि 15 अप्रैल नियत की है।
यह है मामला
गौर तलब है कि कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने यह याचिका दाखिल की है। याची ने लखनऊ की विशेष एमपी/एमएलए अदालत के 28 जनवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की उसकी अर्जी खारिज कर दी थी। याची ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। याची ने गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक संहिता, पासपोर्ट अधिनियम, आफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में गंभीर आरोप लगाये हैं।