{"_id":"6029201a9836f30dcf5024a8","slug":"up-dead-body-burnt-in-school-after-killing-a-clinic-operator-in-amethi-accused-school-operator-and-her-brother-in-law-arrested","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी : अमेठी में क्लीनिक संचालक की हत्या कर स्कूल में जलाया शव, आरोपी स्कूल संचालक व उसका बहनोई गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : अमेठी में क्लीनिक संचालक की हत्या कर स्कूल में जलाया शव, आरोपी स्कूल संचालक व उसका बहनोई गिरफ्तार
Sun, 14 Feb 2021 06:35 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमेठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमेठी
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 14 Feb 2021 06:35 PM IST
विज्ञापन
निजी स्कूल के अंदर इसी जगह क्लीनिक संचालक को दफनाया गया था।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जामो कस्बा स्थित घर से शुक्रवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए क्लीनिक संचालक की हत्या उसके दोस्त ने अपने बहनोई के साथ मिलकर कर दी। लेनदेन के विवाद में रॉड से मारने के बाद आरोपियों ने शव को स्कूल परिसर के गड्ढे में डालकर जलाने का प्रयास किया। अधजले शव पर मिट्टी डालकर वहां फूल के पौधे लगा दिए। यह खुलासा पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफतार करने के बाद किया। शव को गड्ढे से निकालकर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
जामो क्षेत्र के गांव गौरा निवासी जयकरन प्रजापति (40) कस्बे में रहकर क्लीनिक चलाता था। जयकरन शुक्रवार शाम निमंत्रण में जाने की बात कहकर घर से निकला था। रात तक घर न लौटने पर परिवारीजनों ने सूचना पुलिस को दी। शनिवार सुबह उसकी बाइक व मोबाइल जगदीशपुर क्षेत्र के कादूनाला से बरामद हुई। जामो और जगदीशपुर पुलिस के साथ स्वाट व सर्विलांस टीम ने शनिवार देर शाम संदेह के आधार पर जगदीशपुर के गांव पूरेलाला ईश्वरी मजरे मरौचा तेतारपुर के स्कूल संचालक आशीष दुबे को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद आशीष ने अपने बहनोई संतोष तिवारी निवासी थुलेंडी थाना बछरावां, रायबरेली की मदद से जयकरन की हत्या कर उसका शव गांव के पास स्थित अपने विद्यालय एआईआरएस शिक्षण संस्थान के परिसर में गड्ढा खोदकर दफनाने की बात स्वीकार की। आशीष की निशानदेही पर पुलिस ने रविवार भोर में शव को गड्ढे से बाहर निकलवाया। शव अधजला था। शव के पास ही लोहे की राड भी मिली जिससे उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने जयकरन के पिता गंगाराम को बुलाकर शव की पहचान कराई।
पुलिस के अनुसार जयकरन अलग-अलग मूल्य की तीन बीसी चलाता था। इस समूह में आशीष समेत 12 लोग थे। 11 फरवरी की शाम 1.20 लाख रुपये की बीसी उठान को लेकर बैठक होनी थी। उससे पहले आशीष ने पैसों की आवश्यकता जताते हुए बीसी देने व उसके द्वारा शुरू की जाने वाली 50 हजार रुपये की नई बीसी में शामिल करने की इच्छा जताई थी। जयकरन ने उससे मना कर दिया था। इस पर आशीष ने जमा किए गए करीब तीन लाख रुपये की मांग की। जयकरन पैसा आशीष के बजाए जामो के रहने वाले एक शिक्षक को 39500 रुपये कम में दे दिया। यह बात पता चली तो आशीष नाराज हो उठा और रिश्तेदार के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। एसपी दिनेश सिंह ने आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को प्रशस्ति पत्र व पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जामो क्षेत्र के गांव गौरा निवासी जयकरन प्रजापति (40) कस्बे में रहकर क्लीनिक चलाता था। जयकरन शुक्रवार शाम निमंत्रण में जाने की बात कहकर घर से निकला था। रात तक घर न लौटने पर परिवारीजनों ने सूचना पुलिस को दी। शनिवार सुबह उसकी बाइक व मोबाइल जगदीशपुर क्षेत्र के कादूनाला से बरामद हुई। जामो और जगदीशपुर पुलिस के साथ स्वाट व सर्विलांस टीम ने शनिवार देर शाम संदेह के आधार पर जगदीशपुर के गांव पूरेलाला ईश्वरी मजरे मरौचा तेतारपुर के स्कूल संचालक आशीष दुबे को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद आशीष ने अपने बहनोई संतोष तिवारी निवासी थुलेंडी थाना बछरावां, रायबरेली की मदद से जयकरन की हत्या कर उसका शव गांव के पास स्थित अपने विद्यालय एआईआरएस शिक्षण संस्थान के परिसर में गड्ढा खोदकर दफनाने की बात स्वीकार की। आशीष की निशानदेही पर पुलिस ने रविवार भोर में शव को गड्ढे से बाहर निकलवाया। शव अधजला था। शव के पास ही लोहे की राड भी मिली जिससे उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने जयकरन के पिता गंगाराम को बुलाकर शव की पहचान कराई।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार जयकरन अलग-अलग मूल्य की तीन बीसी चलाता था। इस समूह में आशीष समेत 12 लोग थे। 11 फरवरी की शाम 1.20 लाख रुपये की बीसी उठान को लेकर बैठक होनी थी। उससे पहले आशीष ने पैसों की आवश्यकता जताते हुए बीसी देने व उसके द्वारा शुरू की जाने वाली 50 हजार रुपये की नई बीसी में शामिल करने की इच्छा जताई थी। जयकरन ने उससे मना कर दिया था। इस पर आशीष ने जमा किए गए करीब तीन लाख रुपये की मांग की। जयकरन पैसा आशीष के बजाए जामो के रहने वाले एक शिक्षक को 39500 रुपये कम में दे दिया। यह बात पता चली तो आशीष नाराज हो उठा और रिश्तेदार के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। एसपी दिनेश सिंह ने आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को प्रशस्ति पत्र व पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
विज्ञापन
शव जलाने के बाद गड्ढे में मिट्टी डाल लगा दिए फूल के पौधे
जगदीशपुर में मरौचा तेतारपुर स्थित निजी स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार आशीष अपने चाचा की ओर से गांव में ही खोले गए स्कूल एआईआरएस शिक्षण संस्थान (कक्षा एक से आठ तक अंग्रेजी व नौ से 12 तक हिंदी मीडियम) का संचालन करता था। बीसी नहीं मिलने से नाराज आशीष ने 11 फरवरी को ही विद्यालय परिसर में एक गड्ढा खोदने के साथ ही तीन लीटर पेट्रोल भी खरीद लिया था। 12 फरवरी को आशीष ने जयकरन को बुलाया और बहनोई के साथ मिलकर स्कूल में लोहे की रॉड से मारकर हत्या कर दी। हत्या कर शव को गड्ढे में डालकर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद गड्ढे में ऊपर तक मिट्टी डालकर उस पर फूल का पेड़ लगा दिया।
बेटी को बनाना चाहता था चिकित्सक
क्लीनिक संचालक जयकरन अपनी पुत्री को एमबीबीएस की पढ़ाई कराकर चिकित्सक बनाने का सपना देखता था। इसके लिए लगातार पुत्री का हौसला बढ़ाने के साथ उसे लखनऊ में नीट की कोचिंग भी करा रहे थे। दोनों पुत्रों को भी कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करते थे। गौरा निवासी गंगाराम के तीन पुत्रों में जयकरन मंझला था। जयकरन के बड़े भाई रामकरन गांव में क्लीनिक चलाते हैं। छोटा भाई बलकरन सुल्तानपुर में रहकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर जीवन यापन करता है। जयकरन का विवाह वर्ष 2000 को अनीता के साथ हुआ था। जयकरन के तीन बच्चों में बड़ी पुत्री शिखा जामो के सर्वोदय कॉलेज से इंटर की पढ़ाई पूरी कर लखनऊ में रहकर नीट की तैयारी कर रही है जयकरन के पुत्र विनय व अतुल सर्वोदय साइंस कॉलेज में क्रमश: कक्षा 11 व कक्षा 10 के छात्र हैं। शिखा ने बताया कि पापा हम लोगों को कड़े अनुशासन में रखने के साथ लगातार हौसला बढ़ाते थे। कहते थे कि बिटिया जो काम मैं न कर पाया उसे तुम करना। वे मुझे एमबीबीएस कराना चाहते थे। दोनों भाइयों को भी हमेशा कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करते थे। पत्नी अनीता ने बताया कि जयकरन की कोशिश रहती थी कि बच्चों को कभी कोई तकलीफ नहीं हो।
बेटी को बनाना चाहता था चिकित्सक
क्लीनिक संचालक जयकरन अपनी पुत्री को एमबीबीएस की पढ़ाई कराकर चिकित्सक बनाने का सपना देखता था। इसके लिए लगातार पुत्री का हौसला बढ़ाने के साथ उसे लखनऊ में नीट की कोचिंग भी करा रहे थे। दोनों पुत्रों को भी कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करते थे। गौरा निवासी गंगाराम के तीन पुत्रों में जयकरन मंझला था। जयकरन के बड़े भाई रामकरन गांव में क्लीनिक चलाते हैं। छोटा भाई बलकरन सुल्तानपुर में रहकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर जीवन यापन करता है। जयकरन का विवाह वर्ष 2000 को अनीता के साथ हुआ था। जयकरन के तीन बच्चों में बड़ी पुत्री शिखा जामो के सर्वोदय कॉलेज से इंटर की पढ़ाई पूरी कर लखनऊ में रहकर नीट की तैयारी कर रही है जयकरन के पुत्र विनय व अतुल सर्वोदय साइंस कॉलेज में क्रमश: कक्षा 11 व कक्षा 10 के छात्र हैं। शिखा ने बताया कि पापा हम लोगों को कड़े अनुशासन में रखने के साथ लगातार हौसला बढ़ाते थे। कहते थे कि बिटिया जो काम मैं न कर पाया उसे तुम करना। वे मुझे एमबीबीएस कराना चाहते थे। दोनों भाइयों को भी हमेशा कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करते थे। पत्नी अनीता ने बताया कि जयकरन की कोशिश रहती थी कि बच्चों को कभी कोई तकलीफ नहीं हो।