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यूपी: पशुओं का इलाज करने वाले झोलाछापों पर कसेगा शिकंजा, हर जिले में बनेगी जांच टीम; डीएम को मिले निर्देश
Thu, 13 Aug 2026 10:50 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:50 PM IST
सार
Veterinarian in UP: यूपी के गांवों में पशुओं का इलाज करने वाले छोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
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यूपी में पशुओं का इलाज।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
प्रदेश में पशुओं का इलाज करने वाले झोलाछाप के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी है। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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प्रदेश में 2202 पशु अस्पताल, 2575 पशु सेवा केंद्र हैं। इसके बाद भी प्रदेश में बड़ी संख्या में झोलाछाप पशुओं का इलाज और गर्भाधान कर रहे हैं। ऐसे में पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डाॅ. प्रमोद कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। जिलों में अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान एवं इलाज किया जा रहा है।
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इससे न सिर्फ कृत्रिम गर्भाधान सफलता की दर प्रभावित होती है बल्कि नस्ल सुधार कार्यकम भी प्रभावित हो रहे हैं। संक्रमण फैलने, बांझपन की समस्या बढ़ने तथा पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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अप्रशिक्षित लोग मनमाने तरीके से शिड्यूल एच की दवाओं का भी अनधिकृत रूप से प्रयोग कर रहे हैं। ऐसी गतिविधियां भारतीय पशु चिकित्सा अधिनियम, 1984 के अंतर्गत दंडनीय अपराध हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से मांग की है कि टीम बनाकर समस्त अनधिकृत/ अप्रशिक्षित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।