यूपी: लखनऊ में इस जगह बनेगा देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन, 122 फीट नीचे दौड़ेगी ट्रेन; 400 करोड़ आएगी लागत
लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण में पांडेयगंज स्टेशन 122 फीट की गहराई पर बनाया जाएगा। करीब 400 करोड़ रुपये की लागत वाले इस पांच मंजिला भूमिगत स्टेशन पर जगह की कमी के कारण मेट्रो ट्रैक ऊपर-नीचे होंगे। चारबाग से बसंतकुंज तक 12 किलोमीटर लंबे रूट पर 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। निर्माण दिसंबर से शुरू होने की उम्मीद है।
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चारबाग से बसंतकुंज के बीच मेट्रो के दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस रूट पर बनने वाले भूमिगत स्टेशन पांडेयगंज पर देश में सबसे गहराई (122 फीट) में मेट्रो रफ्तार भरेगी। इतना ही नहीं इस पांच मंजिला स्टेशन पर एक मेट्रो दूसरी के ऊपर दौड़ेगी। पांडेयगंज मेट्रो स्टेशन के निर्माण पर 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पांडेयगंज स्टेशन पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के नीचे बने मेट्रो स्टेशन से भी गहरा होगा। हुगली का मेट्रो स्टेशन 33 मीटर गहरा है जबकि पांडेयगंज 37 मीटर यानी 122 फीट गहरा होगा। इस स्टेशन के लिए जगह कम होने से आने-जाने वाली मेट्रो समानांतर के बजाय ऊपर-नीचे चलेंगी। इसमें सबसे नीचे मेट्रो चलेगी। उसके ऊपर का तल खाली रहेगा। फिर उसके ऊपर मेट्रो चलाई जाएगी। देश में ऐसा कहीं नहीं है।
दिसंबर से काम शुरू होने की उम्मीद
चारबाग-बसंतकुंज मेट्रो रूट पर अभी मूसाबाग में मिट्टी का परीक्षण चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि यह जांच कई चरणों में होती है। इसमें हर मेट्रो स्टेशन व भूमिगत ढांचे के लिए मिट्टी के टेस्ट हो रहे हैं। यह अगले दो महीने और चलेगा।
दिसंबर से मेट्रो स्टेशनों के निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है। मेट्रो के इस रूट के निर्माण पर कुल 5801 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें से 2900 करोड़ रुपये राज्य और केंद्र सरकार ने दिए हैं। बाकी रकम ऋण पर ली जाएगी। मेट्रो प्रशासन स्टेशनों व डिपो के निर्माण से जुड़े कई अहम टेंडर कर चुका है।
मेट्रो का दूसरा चरण एक नजर में
- 12 किमी होगी ट्रैक की कुल लंबाई।
- 07 भूमिगत स्टेशन चारबाग, गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक बनेंगे।
- 05 एलिवेटेड स्टेशन ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज बनेंगे।
- 05 वर्ष में दूसरे चरण का काम पूरा करने का है लक्ष्य।