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यूपी: सहकारिता विभाग का खेल, धरे रह गए 27 करोड़ के माइक्रो एटीएम, कृषि विभाग ने दिया था बजट
Wed, 25 Jun 2025 10:47 AM IST
ishwar ashish
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 25 Jun 2025 10:47 AM IST
सार
पैक्स के लिए खरीदे गए करीब 27.96 करोड़ के माइक्रो एटीएम अफसरों की लापरवाही से धरे रह गए। विभागीय जांच में पता चला कि ज्यादातर समितियों को माइक्रो एटीएम मिले ही नहीं। मामले में प्रबंध निदेशक से रिपोर्ट मांगी गई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
उत्तर प्रदेश की प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के लिए खरीदे गए करीब 27.96 करोड़ के माइक्रो एटीएम अफसरों की लापरवाही से धरे रह गए। कुछ समितियों में इनका संचालन शुरू जरूर हुआ, लेकिन कई स्थानों पर ये रखे-रखे खराब हो गए। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से समितियों को समृद्ध करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने की योजना तैयार की गई थी।
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इसके तहत पैक्स में माइक्रो एटीएम लगाने का फैसला हुआ था। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत अक्तूबर 2020 में 7479 पैक्स के लिए 27.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था। कृषि विभाग ने इस धनराशि को सहकारिता विभाग को सौंप दिया।
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सहकारिता विभाग में उप्र. को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक ने मार्च 2021 में माइक्रो एटीएम खरीदा। विभाग ने दावा किया कि पैक्स पर इन एटीएम को भेज दिया गया है और इनका संचालन शुरू कर दिया गया है। लेकिन, विभागीय जांच में पता चला कि ज्यादातर समितियों को माइक्रो एटीएम मिले ही नहीं। जहां मिले, वहां उनका संचालन नहीं हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर समितियों पर माइक्रो एटीएम रखे रहे और वे खराब हो गए।
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प्रबंध निदेशक से मांगी गई रिपोर्ट
पिछले माह माइक्रो एटीएम के नोडल अधिकारी और कोआपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक से माइक्रो एटीएम को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इस संबंध में प्रबंध निदेशक आरके कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जहां-जहां माइक्रो एटीएम लगवाए गए थे वहां से रिपोर्ट मंगवाई गई है। इसके बाद विस्तृत आख्या दी जाएगी। वहीं, उच्चाधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हैं। जबकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने विभाग को बजट स्थानांतरित कर दिया था। खरीद और उसके संचालन की जिम्मेदारी सहकारिता विभाग की है।