UP Congress: नए तेवर और कलेवर में मैदान में उतर रही है कांग्रेस, खुद मौके पर पहुंच रहे प्रदेश अध्यक्ष
यूपी में कांग्रेस नए तेवर और कलेवर में नजर आ रही है। जहां भी उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं कांग्रेस नेता पहुंच रहे हैं। जिलाध्यक्षों को भी पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय भेजने को कहा गया है।
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उत्तर प्रदेश की सियासत में कांग्रेस अब नए तेवर और कलेवर में नजर आ रही है। विधायक संख्या कम होने के बाद भी पार्टी जनता के बीच विपक्ष की भूमिका निभाने को बेताब है। हिरासत में मौत का मामला हो या बीमारी से बच्चों की मौत, बाढ़ पीड़ित हों या भेड़िए का आतंक, इन सभी मामलों में कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और उनकी टीम मौके पर पहुंची। इन मुद्दों को उठाते हुए जनता के बीच अपनी पैठ बढ़ाने का प्रयास किया। कांग्रेस की यह कवायद वोटबैंक में तब्दील होगी या नहीं, यह तो वक्त बताएगा।
लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस त्रिस्तरीय रणनीति पर कार्य कर रही है। जनहित के मुद्दों को लेकर सड़क पर उतर रही हैं। जालौन में हिरासत में किसान की मौत, कानपुर में पुलिस उत्पीड़न, बाढ़ पीड़ितों और भेड़िए के आतंक से परेशान लोगों के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मौके पर पहुंचे। लोगों का दर्द बांटा और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। इसके बाद सरकारी तंत्र सक्रिय हुआ। अब वह जिलेवार दौरे पर निकल गए हैं। प्रदेश की सियासत पर नजर रखने वालों का कहना है कि लंबे समय बाद कांग्रेस का कोई प्रदेश अध्यक्ष जिलेवार विभिन्न घटनाओं पर संघर्षशील नजर आ रहा है। इसी तरह आजमगढ़, उन्नाव में बीमारी से बच्चों की मौत का मामला खुद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर उठाया।
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सांसद और पार्टी के अन्य नेताओं ने मौके पर पहुंच कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की। अब यह मामला संसद में उठाने की तैयारी है। दो दिन पहले पहले प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सभी फ्रंटल संगठनों और जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि जहां भी पुलिस का उत्पीड़न हो तत्काल मौके पर पहुंचे। किसी तरह की आपदा होने पर भी कांग्रेस की टीम मौके पर जाकर पीड़ितों की मदद करेगी। यह टीम तथ्यों सहित ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश मुख्यालय को भेजेगी। वरिष्ठ पत्रकार अरविंद चतुर्वेदी कहते हैं कि जहां भी उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं, वहां कांग्रेस की टीम पहुंच कर न सिर्फ दिलासा दे रही है बल्कि स्थानीय अधिकारियों से मिलकर पीड़ित को मदद दिलाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
जनता के बीच विपक्ष की यही मुख्य भूमिका होती है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी खुद अर्जुन पासी की हत्या पर उसके परिजनों से मिलने पहुंचे। इसी तरह अमेठी, सीतापुर, बाराबंकी, प्रयागराज और सहारनपुर के सांसद अपने संसदीय क्षेत्र के साथ ही अन्य जिलों में भी निरंतर सक्रिय हैं। इनकी सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस नए तेवर और कलेवर में उतरने की तैयारी में है।
संगठन स्तर पर भी सक्रियता
विधानसभा को लेकर पार्टी संगठनात्मक दृष्टिकोण से अपने कील कांटे दुरुस्त कर रही है। जिलेवार समीक्षा करने के साथ ही सक्रिय कार्यकर्ताओं को चिन्हित किया जा रहा है। इसी तरह पार्टी के पिछड़ा, मुसलमान और दलित वर्ग के तीन युवा नेताओं को राष्ट्रीय कमेटी में शामिल करने के पीछे भी सियासी निहितार्थ माने जा रहे हैं। तीसरी कवायद वोटबैंक को लेकर है। राहुल गांधी के प्रयागराज में जाति जनगणना संबंधी बयान के बाद पार्टी खुलकर सामने आ गई है। जाति जनगणना को लेकर लगातार सम्मेलन हो रहे हैं तो भविष्य में कई ऐसे कार्यक्रम भी सामने आएंगे, जिसमें जाति आधारित गोलबंदी का प्रयास होगा।
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